हालांकि, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन रामपुर की अदालत में शत्रु संपत्ति से जुड़ी एक और कानूनी जटिलता के कारण उनकी रिहाई अटकी हुई थी। रामपुर पुलिस ने इस मामले में दो नई धाराओं को जोड़ने की अपील की थी, जिससे उनकी रिहाई और भी मुश्किल हो गई थी, लेकिन अदालत ने पुलिस की यह अपील खारिज कर दी और अब्दुल्ला आजम खान को जमानत दे दी है।
अब्दुल्ला आजम खान के वकील जुबेर अहमद खान ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि रामपुर एमपी-एमएलए विशेष अदालत के जज ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है, जिससे उनकी रिहाई की संभावना अब अधिक स्पष्ट हो गई है। अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ आरोपों को लेकर अदालत में लंबी सुनवाई चल रही थी, लेकिन अब अदालत ने यह निर्णय लिया कि पुलिस के पास उनके खिलाफ पुख्ता प्रमाण नहीं हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है।
अब्दुल्ला आजम खान को 2023 में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले और अन्य आरोपों के तहत जेल भेजा गया था।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन रामपुर अदालत में लंबित मामले के कारण उनकी रिहाई रुकी हुई थी। अब पुलिस द्वारा दायर की गई नई धाराओं को अदालत ने खारिज कर दिया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। अब जल्द ही वह जेल से बाहर आ सकते हैं।
वहीं, उनके पिता आजम खान भी इस समय सीतापुर जेल में बंद हैं और हाल ही में उन्होंने एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन किसी कारणवश उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली है। अब आजम खान की जमानत की कोई संभावना नहीं है, और वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे।
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