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ट्रंप की इफ्तार पार्टी पर हंगामा, मुस्लिम समुदाय ने बताया दिखावटी आयोजन

ट्रंप ने कहा, "मैं आप सभी का व्हाइट हाउस में स्वागत करता हूं। हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का सम्मान कर रहे हैं। यह एक बेहतरीन महीना है। दुनियाभर के |

ट्रंप की इफ्तार पार्टी पर हंगामा, मुस्लिम समुदाय ने बताया दिखावटी आयोजन
फोटो: ट्रंप की इफ्तार पार्टी पर हंगामा, मुस्लिम समुदाय ने बताया दिखावटी आयोजन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के दौरान पहली इफ्तार पार्टी की मेजबानी की, लेकिन यह आयोजन विवादों में घिर गया। अमेरिकी मुस्लिम समुदाय ने इस इफ्तार डिनर पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और ट्रंप पर पाखंड का आरोप लगाया। इफ्तार डिनर की मेजबानी करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं आप सभी का व्हाइट हाउस में स्वागत करता हूं। हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का सम्मान कर रहे हैं। यह एक बेहतरीन महीना है। दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय को रमजान की शुभकामनाएं। हम दुनिया के महान धर्मों में से एक का सम्मान करते हैं।" 

 उन्होंने रमजान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दौरान मुस्लिम दिनभर उपवास रखते हैं, खुदा की इबादत करते हैं और शाम को परिवार व दोस्तों के साथ मिलकर इफ्तार करते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि "हम पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं और इसके लिए प्रयासरत हैं।"

मुस्लिम समुदाय की नाराजगी क्यों?


हालांकि, इस इफ्तार डिनर को लेकर अमेरिकी मुस्लिम समुदाय ने कड़ा विरोध जताया। आरोप है कि व्हाइट हाउस में आयोजित इस इफ्तार पार्टी में अमेरिकी मुस्लिम नेताओं और सांसदों को न्योता नहीं दिया गया। इसके बजाय, केवल मुस्लिम देशों के राजदूतों और विदेशी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। व्हाइट हाउस के बाहर कई मुस्लिम सिविल राइट्स ग्रुप्स ने "Not Trump's Iftar" नाम से विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "यह ट्रंप का पाखंड है। एक तरफ वह अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश करते हैं, तो दूसरी ओर इफ्तार पार्टी का आयोजन कर दिखावा करते हैं।"

यह विवाद इसलिए भी गहरा गया क्योंकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान, 2017 में व्हाइट हाउस की पारंपरिक इफ्तार पार्टी को रद्द कर दिया था। जबकि, यह परंपरा 1996 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्वारा शुरू की गई थी, जिसे जॉर्ज बुश और बराक ओबामा ने भी जारी रखा था। परंपरागत रूप से इस इफ्तार डिनर में अमेरिकी मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्य, मुस्लिम देशों के राजनयिक और सीनेटर शामिल होते रहे हैं। लेकिन इस बार अमेरिकी मुस्लिम समुदाय को इससे अलग रखे जाने पर विवाद और गहरा गया है।

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