कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर योगी सरकार की विफलताओं को लेकर विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। बुधवार सुबह प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महासचिव अविनाश पांडे सहित अन्य नेता कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित हुए, परंतु पुलिस के कड़े प्रबंधों के कारण उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया।
दफ्तर के बाहर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात थे। कांग्रेस पार्टी कार्यालय मार्ग पर दोहरी बैरिकेडिंग की गई थी। सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सड़कों पर खाई खोदकर बल्लियां भी लगाई गईं।
इन सब के बावजूद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता घोषित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा की ओर बढ़े। अजय राय सहित कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और पुलिस के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी करने लगे। जब अजय राय नीचे उतरे तो पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई। पुलिस द्वारा बलपूर्वक हिरासत में लेने के प्रयास के दौरान वे बेहोश होकर गिर पड़े। इससे अफरा-तफरी मच गई। कार्यकर्ताओं ने उनके चेहरे पर पानी छिड़का, जिससे वे होश में आए।
कांग्रेस कार्यालय में मौजूद पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि योगी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और राजनीतिक विरोध को दबा रही है, जो उसकी कायरता दर्शाता है।
अविनाश पांडे ने कहा कि भयभीत योगी सरकार हमें जनहित के मुद्दे उठाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने से नहीं रोक सकती। वर्तमान में कांग्रेस कार्यालय के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मामूली तनाव बना हुआ है।





