क्या है पूरा मामला?
सेना के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाथ ने आरोप लगाया कि 13 मार्च को पटियाला में एक पार्किंग विवाद के दौरान पंजाब पुलिस के 12 कर्मियों ने उनके और उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की। कर्नल बाथ ने इसे सेना के सम्मान पर हमला बताया और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि पंजाब पुलिस के अधीन निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, इसलिए यह मामला किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।
घटना को लेकर कर्नल बाथ के बेटे ने मीडिया को बताया, “आरोपी पुलिसवालों ने हमसे अपनी कार हटाने को कहा और जब मेरे पिता ने उनकी भाषा पर आपत्ति जताई, तो उनमें से एक अधिकारी ने उन्हें मुक्का मार दिया। जब मैंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्होंने मुझ पर भी हमला कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने हमें डंडों, रॉड और बेसबॉल बैट से पीटना शुरू कर दिया। मेरे पिता और मैं बेहोश हो गए और जब होश में आए, तो वे हमें लगातार पीट रहे थे। हमें करीब 45 मिनट तक बेरहमी से पीटा गया।”
इस घटना को लेकर देशभर में सेना के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों सहित आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्नल बाथ और उनके परिवार का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय से लेकर राष्ट्रपति तक अपनी शिकायत लेकर जाएंगे। इस मामले में अब विपक्षी दलों ने भी पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।
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