कांग्रेस के नेताओं ने यह सवाल उठाया था कि महागठबंधन में छोटा और बड़ा भाई कौन होगा, लेकिन अब तारिक अनवर ने इसे स्पष्ट किया है कि आरजेडी महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, और इस मुद्दे को लेकर कोई विवाद नहीं रहेगा।
इससे पहले, महागठबंधन में शामिल पांच प्रमुख दलों ने एकजुटता दिखाने का निर्णय लिया था। इन दलों ने तय किया कि वे जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे, चाहे वह सदन में हो या सड़क पर। गुरुवार को महागठबंधन विधायक दल की बैठक में इस पर चर्चा की गई और एकसाथ काम करने की योजना बनाई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें विधानसभा और विधान परिषद दोनों में उन मुद्दों को उठाना चाहिए जो जनता से सीधे जुड़े हैं। यदि सरकार इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो हम इन्हें जनता के बीच लेकर जाएंगे और सरकार पर दबाव बनाएंगे।
सभी सहयोगी दलों ने एक स्वर में यह स्वीकार किया कि महागठबंधन में तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर कोई विवाद नहीं है और यह फैसला महागठबंधन के भविष्य के लिए सकारात्मक रहेगा। बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों (भाकपा, माकपा और भाकपा-माले) के विधायकों और विधान पार्षदों ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर यह स्पष्ट किया कि महागठबंधन में कोई अंतर्कलह या विवाद की गुंजाइश नहीं है।
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि महागठबंधन को एकजुट रहना चाहिए, क्योंकि इस समय हमें एक साझा दिशा और उद्देश्य की आवश्यकता है। राजद विधायकों ने इस एकजुटता को सदन में भी मजबूती से पेश करने का अनुरोध किया, जिस पर वाम दलों, खासकर माले ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।
इस तरह, महागठबंधन में वर्तमान में सभी दलों के बीच किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं दिखाई दे रहा है और यह दिखाता है कि चुनावी तैयारियों में इस बार महागठबंधन एकजुट होकर अपनी रणनीतियों को आगे बढ़ाएगा।
Read This Also:- इलाहाबाद HC में जजों के रिक्त पदों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई अब दूसरी बेंच के करेगी, मुख्य न्यायाधीश हुए अलग
Read This Also:- इलाहाबाद HC में जजों के रिक्त पदों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई अब दूसरी बेंच के करेगी, मुख्य न्यायाधीश हुए अलग





