सिंघवी ने क्या कहा
कांग्रेस की तरफ से चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे वकील और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इंडिया गठबंधन की तरफ से दो मसले उठाए। पहला यह की वोटर टर्न आउट के प्रकाशन में 11 दिन का विलंब नहीं हो सकता है। दूसरा वोटर टर्न आउट का फर्क शुरुआती और अंतिम प्रकाशन में बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि 2019 में इतनी वृद्धि नहीं देखी गई। सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें बताया कि उसमें संशोधन की जरूरत है।
सिंघवी ने आगे कहा कि अगर आंकड़ों का प्रकाशन जल्द हो जाए तो चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठेगा। हमने ये शिकायत काफी दिन पहले की थी, लेकिन दुर्भाग्य है कि चुनाव आयोग ने इसका जवाब आज हमारी मीटिंग से थोड़ी देर पहले ही अपलोड किया है। हमने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ 11 शिकायत की थी, लेकिन उन पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। हमारी यह शिकायत अप्रैल से की गई हैं और अब मई आ चुका है। तीन हफ्ते बाद चुनाव खत्म होने वाले है लेकिन आयोग ने कोई एक्शन नहीं लिया। सिंघवी ने कहा कि हमें उम्मीद है इन सवालों के जवाब देने में चुनाव आयोग देरी नहीं करेगा।
खड़गे ने भी चुनाव आयोग पर उठाए थे सवाल
वहीं मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदान के आंकड़ों में कथित ‘विसंगतियों’ के मुद्दे पर विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखा था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से संपर्क करने का फैसला किया।
हालांकि, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के साथी नेताओं को लिखे खड़गे के पत्र का जवाब दिया और आरोपों को खारिज कर दिया कि उसने लोकसभा चुनाव के पहले दो चरणों के लिए अंतिम मतदाता संख्या जारी करने में देरी की है।
चुनाव आयोग ने कहा कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष के बयान चुनावी कदमों और प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर हमला कर रहे हैं और इससे मतदाताओं की भागीदारी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।





