तेजस्वी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया कि क्या बीजेपी और उसके सहयोगी दल बिहार की आवाज़ को ऐसे ही अनसुना करते रहेंगे। उन्होंने 20 वर्षों की एनडीए सरकार और केंद्र में 11 वर्षों की एनडीए सरकार को इस बात का जवाब देने की चुनौती दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग अब इस अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस बार चुनाव में बिहार का हिसाब किया जाएगा।
आरक्षण के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने लिखा कि हमारी सरकार ने 17 महीने के कार्यकाल में जातिगत गणना के बाद दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों के लिए 65% आरक्षण बढ़ाया था, लेकिन बीजेपी और एनडीए सरकार ने इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के बजाय इसे कोर्ट में फंसा दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में 3,50,000 से अधिक नौकरियों में 65% आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा, जिससे अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के लाखों युवाओं को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है।
तेजस्वी ने बीजेपी को 'आरक्षण चोर' करार देते हुए यह भी कहा कि इस स्थिति में 50,000 से अधिक युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग इस बार एकजुट होकर बीजेपी और एनडीए सरकार को जवाब देंगे और उन्हें आरक्षण के मुद्दे पर सख्त संदेश भेजेंगे।
इस प्रकार, तेजस्वी यादव की बातों से साफ है कि बिहार में आगामी चुनाव को लेकर राजनीति का तापमान बढ़ता जा रहा है और दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो चुका है।
Read This Also:- Bihar Polls: "नीतीश कुमार थक चुके हैं, जनता अब बदलाव चाहती है" – तेजस्वी यादव
Read This Also:- Bihar Polls: "नीतीश कुमार थक चुके हैं, जनता अब बदलाव चाहती है" – तेजस्वी यादव





