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Tamil Nadu: सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की हत्या पर गरमाई राजनीति, सीएम स्टालिन ने दिए जांच के आदेश

स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया है और अब तक दो आरोपियों ने आत्मसमर्पण |

Tamil Nadu: सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की हत्या पर गरमाई राजनीति, सीएम स्टालिन ने दिए जांच के आदेश
फोटो: Tamil Nadu: सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की हत्या पर गरमाई राजनीति, सीएम स्टालिन ने दिए जांच के आदेश
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक जाकिर हुसैन की हत्या की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विधानसभा में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया है और अब तक दो आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

रमजान की नमाज के बाद लौटते समय की गई हत्या


गौरतलब है कि 18 मार्च को सुबह-सुबह रमजान की नमाज अदा करने के बाद जब हुसैन अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई। इससे पहले, उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। सीएम स्टालिन ने बताया, "उनकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हत्या एक जमीन विवाद से जुड़ी हो सकती है, जिस पर दोनों पक्षों ने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दुर्भाग्यवश, इस मामले ने हिंसक रूप ले लिया।" उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।

विपक्ष ने उठाए सवाल, AIADMK नेता पलानीस्वामी ने पुलिस पर साधा निशाना


इस हत्या पर AIADMK महासचिव एवं विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले हुसैन ने तिरुनेलवेली पुलिस आयुक्त, टाउन असिस्टेंट कमिश्नर और पुलिस निरीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था। पलानीस्वामी ने विधानसभा में कहा, "यह घटना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। पुलिस ने हुसैन की शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, बल्कि मामले को हल्के में लेते हुए दोनों पक्षों के बीच जबरन समझौता (कट्टा पंचायत) करवाने की कोशिश की।" उन्होंने सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और कहा कि यह घटना तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है।

हत्या से पहले, हुसैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से आशंका जताई थी कि उनकी हत्या की जा सकती है। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि तिरुनेलवेली के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुख्य संदिग्ध के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। जमीन विवाद से जुड़ा मामला खबरों के मुताबिक, हुसैन एक भूमि विवाद में शामिल थे और इसे लेकर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। बावजूद इसके, पुलिस ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

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