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Tamil Nadu: हिंदी थोपने का भ्रम फैला रही DMK? अन्नामलाई ने 1 लाख समर्थनकर्ताओं का दिया हवाला

अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सीएम अपना दिन "भ्रामक भय फैलाने" में बिता रहे हैं, भाजपा तमिलनाडु के लोगों से |

Tamil Nadu: हिंदी थोपने का भ्रम फैला रही DMK? अन्नामलाई ने 1 लाख समर्थनकर्ताओं का दिया हवाला
फोटो: Tamil Nadu
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने गुरुवार को दावा किया कि राज्यभर में एक लाख से अधिक लोगों ने तीन-भाषा नीति के समर्थन में भाजपा के ऑनलाइन अभियान में भाग लिया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सीएम अपना दिन "भ्रामक भय फैलाने" में बिता रहे हैं, भाजपा तमिलनाडु के लोगों से रचनात्मक रूप से जुड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में सरकारी स्कूलों के छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा में असमानता को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति के समर्थन में http://puthiyakalvi.in के माध्यम से एक लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया है। इसके अलावा, भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गुरुवार को पूरे राज्य में डोर-टू-डोर अभियान भी शुरू किया।

सीएम स्टालिन पर तीखा हमला


तमिलनाडु भाजपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर हमला बोलते हुए कहा कि तीन-भाषा नीति के खिलाफ सरकार के रुख को जनता का समर्थन नहीं मिला है, इसलिए अब स्टालिन काल्पनिक "हिंदी थोपने" की बहस छेड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के मैट्रिकुलेशन स्कूलों में तमिल भाषा को अनिवार्य रूप से नहीं पढ़ाया जाता। उन्होंने स्टालिन से सवाल किया, "क्या आपको पता है कि आपकी पार्टी द्वारा संचालित कई मैट्रिकुलेशन स्कूलों में तमिल अनिवार्य नहीं है और यह सिर्फ एक विकल्प के रूप में पढ़ाई जाती है? आप अब जनता को और बेवकूफ नहीं बना सकते।"

अन्नामलाई ने आगे कहा, "एमके स्टालिन, यह मत भूलें कि भारतीय संविधान का 16वां संशोधन, जिसे अलगाववाद-विरोधी विधेयक के रूप में जाना जाता है, आपकी पार्टी की अलगाववादी विचारधारा पर अंकुश लगाने के लिए लाया गया था। यह उसी पार्टी ने पारित किया था जिसके साथ आप आज गठबंधन में हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु की सरकार खुद नई शिक्षा नीति (NEP) के कई पहलुओं को लागू कर रही है, बावजूद इसके वह इसके खिलाफ मुखर होकर खड़ी है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए 1967 के हिंदी विरोधी आंदोलन की याद दिलाई और तमिलनाडु की जनता से हिंदी थोपने के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। स्टालिन ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "1967: अन्ना बैठ गए, तमिलनाडु उठ खड़ा हुआ। अगर गर्वित तमिलनाडु को कोई नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, तो हम जंगल की आग की तरह दहाड़ेंगे। आइए जीत का जश्न मनाएं!" गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने 2020 की नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रस्तावित "तीन-भाषा नीति" का कड़ा विरोध किया है। राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार इस नीति के माध्यम से हिंदी को जबरदस्ती थोपना चाहती है।

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