'निजी स्कूलों में तीन भाषाएं, सरकारी स्कूलों में विरोध क्यों?'
भाजपा नेता ने स्टालिन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के परिवार के स्वामित्व वाले निजी स्कूलों में तीन भाषाएं पढ़ाई जाती हैं, जबकि सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए इसी नीति का विरोध किया जाता है। उन्होंने लिखा, "अब पूरा देश जानता है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के परिवार के पास निजी स्कूल हैं, जहां तीन या उससे अधिक भाषाएं सिखाई जाती हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में इसी नीति का विरोध किया जाता है। लोग आपको 'पाखंडी' कह रहे हैं, थिरु @mkstalin!"
अन्नामलाई ने डीएमके पर तमिलनाडु की जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "तमिलनाडु के सीएम को लगता है कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया नाटक पूरे राज्य की आवाज़ को दर्शाता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें यह एहसास नहीं हुआ कि जनता उनके प्रयासों को भांप चुकी है।"
उन्होंने आगे कहा, "अपनी अज्ञानता की आनंदमय दुनिया में जिएं, थिरु @mkstalin। हम आपको परेशान नहीं करेंगे।"
यह सियासी घमासान तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसीमन और तीन-भाषा नीति को लेकर डीएमके की नीतियों की आलोचना की। इस पर स्टालिन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "तमिलनाडु की गूंजती आवाज ने भाजपा को घबरा दिया है।"
स्टालिन ने सीएम योगी की टिप्पणी को "राजनीतिक ब्लैक कॉमेडी" करार दिया और कहा कि "तमिलनाडु किसी विशेष भाषा का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि भाषा थोपने और अंधराष्ट्रवाद के खिलाफ खड़ा है। यह गरिमा और न्याय की लड़ाई है।"
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