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'श्रीलक्ष्मी' टिप्पणी पर कुमार विश्वास को सुप्रिया श्रीनेत की फटकार - सस्ती वाहवाही के लिए...

सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर आपके अपने घर में एक बेटी हो, तो क्या आप किसी और की बेटी पर भद्दी टिप्पणी करके सस्ती तालियां बटोरेंगे? ऐसा करके आप कितने गिर चुके हैं, यह साफ दिख रहा है।

'श्रीलक्ष्मी' टिप्पणी पर कुमार विश्वास को सुप्रिया श्रीनेत की फटकार - सस्ती वाहवाही के लिए...
फोटो: 'श्रीलक्ष्मी' टिप्पणी पर कुमार विश्वास को सुप्रिया श्रीनेत की फटकार - सस्ती वाहवाही के लिए...
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक कवि सम्मेलन के दौरान कवि कुमार विश्वास ने विवादास्पद बयान दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुमार विश्वास ने कहा, "अपने बच्चों को सीता की बहनों और राम के भाइयों के नाम याद कराइए। अपने बच्चों को रामायण सुनाइए, गीता पढ़ाइए, अन्यथा ऐसा न हो कि आपके घर का नाम तो रामायण हो और आपके घर की श्रीलक्ष्मी को कोई और उठाकर ले जाए।" कुमार विश्वास के इस बयान पर कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उन्हें आलोचना का निशाना बनाया है।

सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर आपके अपने घर में एक बेटी हो, तो क्या आप किसी और की बेटी पर भद्दी टिप्पणी करके सस्ती तालियां बटोरेंगे? ऐसा करके आप कितने गिर चुके हैं, यह साफ दिख रहा है।" कांग्रेस नेता ने कहा, "कुमार विश्वास, आपने न केवल सोनाक्षी सिन्हा के अंतरधार्मिक विवाह पर घटिया टिप्पणी की, बल्कि महिलाओं के प्रति अपनी वास्तविक सोच भी उजागर कर दी। आपके शब्द 'आपके घर की श्रीलक्ष्मी को कोई और उठा कर ले जायेगा' बताते हैं कि क्या लड़की कोई वस्तु है जिसे कोई उठाकर ले जा सकता है? कब तक आप जैसे लोग एक महिला को पहले पिता और फिर पति की संपत्ति समझते रहेंगे?" 

सुप्रिया श्रीनेत ने आगे लिखा, "विवाह और दांपत्य की नींव बराबरी, आपसी विश्वास और प्रेम पर टिकी है। कोई किसी को जबरन नहीं ले जाता, और 2024 के भारत में आप स्वेच्छा से विवाह करने पर परवरिश का सवाल उठा रहे हैं? क्या एक लड़की को यह अधिकार नहीं कि वह अपनी पसंद से विवाह करे? या फिर खान-पान, पहनावा, प्रेम और विवाह का निर्णय भी धर्म के स्वयंभू ठेकेदार करेंगे?"

आपके सर्टिफिकेट की किसी को जरूरत नहीं

कांग्रेस नेता ने कहा, "परवरिश पर सवाल तब भी नहीं उठना चाहिए जब आपके बाउंसर एक सम्मानित डॉक्टर को पीटते हैं। यह आपकी कमजोरी है कि आपका स्टाफ ऐसा करता है। आपके प्रमाणपत्र की न तो शत्रुघ्न सिन्हा को जरूरत है, न ही उनकी सफल बेटी सोनाक्षी को। लेकिन अपने से 17 साल छोटी लड़की पर आपकी टिप्पणी आपकी संकीर्ण सोच को उजागर करती है। न श्रीराम किसी की निजी संपत्ति हैं, न रामायण, न ही उससे जुड़ा कोई नाम।"

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "दूसरों के बच्चों को रामायण और गीता पढ़ने का उपदेश देने वाले कवि महोदय, सोनाक्षी के पति के धर्म से नफरत में आप रामायण के परस्पर प्रेम के संदेश को भूल गए। यदि आपने वास्तव में रामायण का अध्ययन किया होता, तो प्रेम को समझते। आपमें रामकथा वाचक बनने की लालसा तो बहुत है, लेकिन प्रभु राम की शालीनता और मर्यादा का लेश भी नहीं। दो मिनट की सस्ती तालियां तो मिल गईं, पर आपका सम्मान और गिर गया। आपको अपनी गलती स्वीकार कर पिता और बेटी दोनों से क्षमा याचना करनी चाहिए।"