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'शीशमहल' अब बनेगा ‘म्यूजियम’, दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐलान।

दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में उस विवादास्पद बंगले के भविष्य का निर्धारण कर दिया है जो पिछले कुछ सालों से राजनीति में बड़ा मुद्दा बना हुआ था

'शीशमहल' अब बनेगा  ‘म्यूजियम’,  दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐलान।
फोटो: Rekha Gupta
दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में उस विवादास्पद बंगले के भविष्य का निर्धारण कर दिया है, जो पिछले कुछ सालों से राजनीति में बड़ा मुद्दा बना हुआ था। यह वही बंगला है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहते थे, और जिसे भाजपा 'शीशमहल' के नाम से पुकारती है। शपथ लेने से पहले ही रेखा गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह इस बंगले को म्यूजियम में बदल देंगी। 

भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने इस बंगले के पुनर्निर्माण और सजावट पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि वह हमेशा बड़े और महंगे सरकारी बंगले में रहने से बचने की बात करते थे। भाजपा ने कई बार यह आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपने निजी लाभ के लिए सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया, और इस बंगले की स्थिति को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। बुधवार शाम को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की नेता चुनी गईं रेखा गुप्ता ने एनडीटीवी से बातचीत करते हुए शीशमहल को म्यूजियम में बदलने का इरादा जाहिर किया। एक सवाल के जवाब में रेखा गुप्ता ने कहा, "हम शीशमहल को म्यूजियम बनाएंगे, जहां लोग आएं और इसे देख सकें। हम उन सभी वादों को भी पूरा करेंगे जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए हैं। इस पद पर मुझे चुनने के लिए मैं आभारी हूं और जनता के विश्वास को हर हाल में कायम रखूंगी।" 

न्यूज 18 से बात करते हुए रेखा गुप्ता ने इस मामले पर और विस्तार से बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद इस बंगले में रहेंगी, तो उन्होंने एक सख्त और स्पष्ट जवाब दिया, "बिलकुल नहीं। यह महल जनता के खून-पसीने की कमाई का है। मैं इसे जनता के लिए समर्पित करूंगी, ताकि लोग इसे देख सकें और समझ सकें कि उनका पैसा किस तरह से खर्च किया गया है।" उनका यह बयान उनके जनता के प्रति समर्पण और पारदर्शिता की भावना को दर्शाता है। दिल्ली के 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित यह बंगला भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच लंबे समय से एक विवाद का केंद्र रहा है। भाजपा और आप के बीच इस बंगले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा है। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने इस बंगले में अवैध रूप से करोड़ों रुपये खर्च किए, जो कि सरकारी खजाने का दुरुपयोग था। हाल ही में मीडिया में लीक हुई एक सीएजी रिपोर्ट ने भी इस मामले की गंभीरता को उजागर किया, जिसमें बताया गया था कि इस बंगले की मरम्मत और सजावट पर अत्यधिक धनराशि खर्च की गई थी।

 इसके बाद सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना काल के दौरान केजरीवाल ने आसपास के कई बंगलों को अपने आवास में मिला लिया था और इस पर भी बड़ी राशि खर्च की थी। भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद, केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और बंगला खाली कर दिया। इसके बाद भी भाजपा ने इस बंगले को लेकर लगातार हमला किया और इसे चुनावी मुद्दा बना लिया। भाजपा ने 'शीशमहल' को एक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया और यह आरोप लगाया कि केजरीवाल के पुराने बयान और उनके कार्यों में बड़ा अंतर था। भाजपा ने यह भी याद दिलाया कि केजरीवाल ने राजनीति में आने के समय कहा था कि वह मुख्यमंत्री बनने पर किसी बड़े बंगले में नहीं रहेंगे, लेकिन जब वह मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने सरकारी बंगले में विलासिता की जिंदगी बिताई। 

भाजपा ने केजरीवाल के कथनी और करनी में अंतर दिखाने के लिए इस मुद्दे को चुनावी मंचों पर जोर-शोर से उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी रैलियों में इस बंगले का जिक्र किया और इसे केजरीवाल की कथित असमान्यताओं का प्रतीक बताया। भाजपा ने इस मामले को इतना जोर-शोर से उठाया कि यह दिल्ली विधानसभा चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन गया। भाजपा ने इसे जनता की भावनाओं से जोड़ते हुए यह दिखाने की कोशिश की कि केजरीवाल ने उनके विश्वास का उल्लंघन किया है। 

भाजपा की रणनीति सफल रही, और चुनावों में 27 साल बाद उसने दिल्ली में सत्ता हासिल की। भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, जो उसकी ऐतिहासिक जीत का प्रतीक बनी। रेखा गुप्ता का यह फैसला कि शीशमहल को म्यूजियम में बदला जाएगा, भाजपा के लिए भी एक नया राजनीतिक कदम साबित हो सकता है, क्योंकि यह कदम पार्टी के लिए अपनी स्वच्छ छवि को बनाए रखने और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दिखाने का एक मौका हो सकता है।

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