राउत ने प्रधानमंत्री के संघ मुख्यालय जाने पर कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जो कभी संघ के प्रचारक रहे हैं, दस साल बाद पहली बार संघ कार्यालय जाते हैं। यह एक विशेष स्थिति है, और इसका कोई ना कोई महत्वपूर्ण कारण जरूर होगा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री ने खुद एक नियम बनाया था कि 75 साल की उम्र के बाद कोई भी व्यक्ति सत्ता के उच्च पदों पर नहीं रहेगा। यह नियम आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी और थावर सिंह गहलोत जी पर लागू हुआ, तो यह नियम खुद प्रधानमंत्री मोदी पर भी लागू होगा। उन्हें भी इस नियम का पालन करना होगा।"
इसके अलावा, संजय राउत ने भाजपा अध्यक्ष के चुनाव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि RSS ने अब तक बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुना है क्योंकि जेपी नड्डा का टर्म खत्म हो चुका है। राउत ने बताया, "RSS के शीर्ष नेता अब भाजपा अध्यक्ष पद पर अपना आदमी बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। यह विषय चल रहा है, और इसे लेकर बात की जा रही है। भारत में इस समय परिस्थितियां बहुत उलझी हुई हैं और संघ अपने आदमी को अध्यक्ष पद पर बैठाने का इच्छुक है, ताकि बीजेपी का नेतृत्व उनकी दिशा में हो।"
राउत ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जो नियम खुद उन्होंने बनाई थी, उसे अब खुद फॉलो करना होगा। यह संकेत दे रहे हैं कि उनके खिलाफ अब और भी सवाल उठाए जाएंगे, खासकर तब जब वह खुद अपने द्वारा बनाए गए नियमों को लागू नहीं कर पा रहे हैं। यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संजय राउत ने बीजेपी और मोदी सरकार पर लगातार हमले किए हैं।
Read This Also:- PM मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
Read This Also:- PM मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जताई चिंता





