विवाद क्या है
संबित पात्रा ने पुरी में मोदी के चुनावी प्रचार के दौरान कहा था कि जगन्नाथ पीएम मोदी के भक्त हैं।हालांकि, विवाद बढ़ता देख पात्रा ने अपनी तरफ़ से सफ़ाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मेरा उद्देश्य भगवान जगन्नाथ के प्रति पीएम मोदी की भक्ति को बताना था, लेकिन गलती से मैंने कुछ और कह दिया। उन्होंने कहा, “आज मेरे दिये गये बयान से विवाद हो गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान मैंने हर जग़ह कहा कि पीएम मोदी भगवान् जगन्नाथ के परम भक्त है। लेकिन जब मैंने दूसरे चैनल को बाईट दी तो मेरे से मुंह से गलत वाक्य निकल गया। क्योंकि उस जग़ह पर बहुत सारे लोग और शोर था। इंसान कभी भी ऐसी बातें नहीं कह सकता है कि भगवान् तो इंसान का भक्त है। जो मुझसे अनजाने में निकल गया। मैं जानता हूँ कि कुछ लोगों को ठेस पहुंची होगी। लेकिन अनजाने में हुई गलतियों को तो भगवान भी माफ़ कर देते हैं।”
विपक्ष ने क्या कुछ कहा
नवीन पटनायक ने संबित पात्रा को घेरते हुए कहा, “महाप्रभु श्री जगन्नाथ ब्रह्मांड के भगवान है। महाप्रभु को किसी इंसान का भक़्त कहना महाप्रभु का अपमान है। श्री जगन्नाथ उड़िया अस्मिता के सबसे महान प्रतीक है। मैं भाजपा से अपील करता हूँ कि भगवान को राजनीतिक चर्चा से दूर रखे। जो अपमान ओड़िया की अस्मिता को पहुंचाया गया है, ओडिशा के लोग लंबे समय तक इसको याद रखेंगे और इसकी निंदा करेंगे। पात्रा के बयान ने श्री जगन्नाथ के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने इशारों मे भाजपा पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा, जब प्रधानमंत्री ख़ुद को शहंशाह और दरबारी उन्हें भगवान समझने लगे तो मतलब साफ़ है कि पाप की लंका का पतन नज़दीक है। ये अहंकार ही उनके विनाश का कारण बनेगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पात्रा के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने आपको भगवान से ऊपर समझने लगी है। यह घमंड का उच्च स्तर है। भगवान को पीएम मोदी का भक्त बोलकर, सीधे तौर पर भगवान का अपमान करना है।





