सऊदी अरब में हुई अहम बैठक
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच सऊदी अरब में चार घंटे लंबी बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों पक्षों ने चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई, जिनमें से एक यूक्रेन में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए एक उच्च स्तरीय टीम का गठन करना था।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में यह सहमति बनी कि युद्ध को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और संघर्ष के मूल कारणों को भी संबोधित किया जाएगा।
हालांकि, इस वार्ता में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की शामिल नहीं थे। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उनकी भागीदारी के बिना किया जाए। उन्होंने कहा, "हम रूस के किसी भी अल्टीमेटम के आगे नहीं झुकेंगे और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
ट्रंप की हालिया टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि अमेरिका शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या यह युद्ध समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम ला पाएगी।
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