चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया था। इस पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "रचनात्मक नामकरण से वास्तविकता नहीं बदलेगी। अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है, था और रहेगा।" मंत्रालय ने इसे "हास्यास्पद" करार देते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास केवल चीन की बेतुकी रणनीति को दर्शाते हैं।
यह कोई नया मामला नहीं है। चीन ने इससे पहले भी 2022 में अरुणाचल प्रदेश के 30 स्थानों के नाम बदलने का दावा किया था। भारत ने हमेशा ही इन प्रयासों को नकारते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारतीय क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है। इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन सबके बावजूद, भारत का रुख स्पष्ट और दृढ़ है, और इस प्रकार के प्रयासों से स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा।
भारत ने पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन के इस कदम को सख्ती से नकारा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह "अविवेकपूर्ण" और "बेतुका" प्रयास है, जिसे भारत किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा।





