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न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की सख्ती, ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?

आरबीआई की इस पाबंदी के चलते 14 फरवरी 2025 की सुबह से ही बैंक की विभिन्न शाखाओं के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जहां चिंतित खाताधारक अपने पैसे की सुरक्षा को |

न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की सख्ती, ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
फोटो: New India Co-operative Bank, RBI
मुंबई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सख्त वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं। इसके तहत बैंक को नए लोन जारी करने, कर्ज के वितरण और खाताधारकों द्वारा धन निकासी जैसी कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। आरबीआई की इस पाबंदी के चलते 14 फरवरी 2025 की सुबह से ही बैंक की विभिन्न शाखाओं के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जहां चिंतित खाताधारक अपने पैसे की सुरक्षा को लेकर परेशान नजर आए।

सबसे ज्यादा भीड़ अंधेरी के विजयनगर ब्रांच के बाहर देखी गई, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। खाताधारकों के मन में यह सवाल गूंज रहा था कि उनके जमा किए गए पैसे का भविष्य क्या होगा? क्या उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित है, या फिर बैंक के संकट में उनके पैसे भी फंस जाएंगे? हालात को और चिंताजनक बनाते हुए लोगों ने शिकायत की कि बैंक की कस्टमर सपोर्ट सर्विस काम नहीं कर रही, बैंकिंग ऐप भी बंद पड़ा है, जिससे वे किसी भी तरह की जानकारी हासिल करने में असमर्थ हैं।

आरबीआई के निर्देश 13 फरवरी 2025 को कारोबार समाप्ति के साथ ही लागू हो गए और ये अगले छह महीनों तक प्रभावी रहेंगे। हालांकि, इन निर्देशों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए किसी भी खाताधारक को बचत खाते, चालू खाते या किसी अन्य जमा खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आरबीआई द्वारा जारी नोटिस में यह भी कहा गया कि न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक अब बिना आरबीआई की पूर्व अनुमति के किसी भी तरह का नया लोन जारी नहीं कर सकेगा, न ही पुराने कर्जों का नवीनीकरण कर सकेगा और न ही किसी तरह का निवेश कर सकेगा। इसके अलावा, बैंक अब किसी भी नए वित्तीय दायित्व को स्वीकार नहीं कर सकेगा, धन उधार नहीं ले सकेगा, और न ही किसी भुगतान को मंजूरी दे सकेगा। बैंक को किसी भी संपत्ति के हस्तांतरण, बिक्री या किसी भी प्रकार के निपटान से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। 

आरबीआई ने अपने निर्देशों की एक प्रति बैंक की वेबसाइट और शाखाओं में सार्वजनिक अवलोकन के लिए उपलब्ध कराई है, जिससे ग्राहक अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, इस फैसले ने जमाकर्ताओं के बीच असमंजस और घबराहट बढ़ा दी है, क्योंकि वे यह जानना चाहते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा या नहीं। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में आरबीआई इस मामले में क्या कदम उठाता है और बैंक की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए क्या प्रयास किए जाते हैं।

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