कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी हाथरस जायेंगे, जहाँ वे भीषण हादसे में जान गँवाने वालों के परिजनों से मिलेंगे। राहुल गाँधी ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। 2 जुलाई को हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में हुई मौतों का आँकड़ा बढ़कर 123 तक पहुंच गया है। इनमें 113 महिलायें, 7 बच्चें और 3 पुरुष शामिल हैं।
पुलिस ने इस हादसे के लिए आयोजकों को जि़म्मेदार ठहराया है। 22 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज़ की गयी है जिसमें एक को छोड़ कर सभी अज्ञात हैं। हैरानी की बात है कि भोले बाबा को आरोपित नहीं किया गया है। पुलिस ने एटा, हाथरस और मैनपुरी से 30 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। ये सभी भोले बाबा से जुड़े हुए है। पुलिस ने मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख़ रुपये का इनाम घोषित किया है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद तक पुलिस नारायण हरि सरकार उर्फ़ भोले बाबा तक नहीं पहुंच पायी थी।
पुलिस ने इस हादसे के लिए आयोजकों को जि़म्मेदार ठहराया है। 22 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज़ की गयी है जिसमें एक को छोड़ कर सभी अज्ञात हैं। हैरानी की बात है कि भोले बाबा को आरोपित नहीं किया गया है। पुलिस ने एटा, हाथरस और मैनपुरी से 30 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। ये सभी भोले बाबा से जुड़े हुए है। पुलिस ने मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख़ रुपये का इनाम घोषित किया है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद तक पुलिस नारायण हरि सरकार उर्फ़ भोले बाबा तक नहीं पहुंच पायी थी।
घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिये हैं। इसके साथ ही साजिश की आशंका का पता लगाने की भी घोषणा कर दी गयी है। उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हादसे के लिए प्रशासन और योगी आदित्यनाथ की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है।
घटना को लेकर राहुल ने क्या कहा
लोकसभा में विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने घटना को पीड़ादायक बताया है। साथ ही सरकार और प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे घायलों को हर संभव उपचार एवं पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराये। उन्होंने इंडिया गठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे राहत और बचाव के कार्यों में अपना सहयोग दें।
घटना के दिन यानी मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यूपी में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्था पर ख़ूब चर्चा की जा रही थी। मंगलवार रात को ही सोशल मीडिया पर वीडियो आने लगे थे, जिसमें योगी सरकार को कोसते हुए लोग कह रहे थे कि अस्पताल में एक ही डॉक्टर है, और पूरा स्टाफ गायब है। एम्बुलेंस का पता नहीं। लोगों ने कहा कि तमाम मौतें वक़्त पर इलाज़ न मिलने की वजह से हुई हैं।
आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि भगदड़ की जाँच के लिए गठित पैनल मात्र एक दिखावा है। ऐसे हादसों के लिए कितनी ही समितियां गठित की गयी हैं, यह सभी जानते हैं। दो दिन बाद इसकी कोई चर्चा भी नहीं करेगा।यह देश हादसों का देश बन गया है। सवाल यह उठता है कि क्या शहर के प्रशासन को भीड़ की जानकारी नहीं थी? गौरतलब है की मनोज झा ने जो बातें कही हैं, वहीं बातें हाथरस की स्थानीय जनता ने कही हैं। वहां के लोगों का कहना है की अगर समय पर इलाज मिल जाता तो काफी लोग बचाये जा सकते थे।
सत्संग में क्या हुआ था
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ सवा लाख़ से अधिक लोग सत्संग में मौजूद थे। इस बीच बाबा की गाडी का काफ़िला निकालने के लिए लोगों को रोका गया। हर कोई बाबा को नज़दीक से देखना चाहता था। उनकी गाड़ी की धूल को पाना चाहता था, जिसके चलते पीछे से लोगों के हुजूम का दवाब बढ़ गया। सड़क के क़रीब दलदली मिट्टी और गढ्ढा होने की वज़ह से लोगों का संतुलन बिगड़ गया। खासकर महिलाओं और बच्चों के ऊपर से लोग भागने लगे।





