हमलावर बुजुर्ग को मंगलवार को भी स्वर्ण मंदिर में सुखबीर सिंह बादल के आस-पास देखा गया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि हमलावर की गतिविधियों और उसके मकसद का पता लगाया जा सके। उल्लेखनीय है कि सुखबीर सिंह बादल सहित कई अकाली नेता 2015 के बेअदबी मामले में अकाल तख्त द्वारा सोमवार को सुनाई गई सजा के तहत सेवादारी कर रहे हैं।
हमले के समय सुखबीर सिंह बादल के साथ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था, जैसा कि सामने आए वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है। जब बुजुर्ग ने रिवॉल्वर ताना, कुछ लोग तुरंत उसकी ओर दौड़े और गोली हवा में चली गई। हमलावर की पहचान नारायण सिंह चोरहा के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, वह बेअदबी कांड से नाराज था और इसी कारण उसने सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाया। इस घटना ने स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "प्रशासन का दावा है कि उनकी चौकस नजर हर जगह है, लेकिन फिर यह घटना कैसे हुई? गोली चलने की यह घटना सरकार की विफलता को दर्शाती है। अगर किसी की जान चली जाती तो क्या जवाब देती पुलिस और सरकार?" उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब की कानून व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती है। भाजपा ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपनी नाकामियों से पंजाब को अराजकता और बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।





