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प्रशांत किशोर का अनशन तीसरे दिन जारी, छात्रों की न्याय की लड़ाई पर बड़ा बयान!

पटना के गांधी मैदान में जन सुराज के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत किशोर का अनशन अब तीसरे दिन भी जारी है। उन्होंने इस आंदोलन के दौरान कई महत्वपूर्ण बयान दिए और स्पष्ट किया कि सरकार की मौजूदा नीतियां छात्रों की मांगों को नजरअंदाज कर रही हैं, लेकिन एक द

 प्रशांत किशोर का अनशन तीसरे दिन जारी, छात्रों की न्याय की लड़ाई पर बड़ा बयान!
फोटो: प्रशांत किशोर का अनशन तीसरे दिन जारी, छात्रों की न्याय की लड़ाई पर बड़ा बयान!
पटना के गांधी मैदान में जन सुराज के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत किशोर का अनशन अब तीसरे दिन भी जारी है। उन्होंने इस आंदोलन के दौरान कई महत्वपूर्ण बयान दिए और स्पष्ट किया कि सरकार की मौजूदा नीतियां छात्रों की मांगों को नजरअंदाज कर रही हैं, लेकिन एक दिन यह सरकार छात्रों की आवाज सुनने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने बताया कि भले ही इस समय उनका अनशन सरकार पर कोई असर नहीं डाल रहा हो, लेकिन अधिकारियों के अनशन स्थल पर आकर अनशन खत्म करने का अनुरोध करना यह दर्शाता है कि उनकी आवाज को खामोश करना आसान नहीं है। 

 प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यदि सरकार पर हमारे अनशन का असर नहीं पड़ रहा है, तो क्यों प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी आकर अनुरोध कर रहे हैं कि हम अनशन बंद करें? यह दिखाता है कि सरकार हमारी आवाज को नकारते हुए भी इस आंदोलन से प्रभावित हो रही है।" उन्होंने आगे कहा कि इस आंदोलन का असर आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में भी जरूर दिखेगा, क्योंकि जब जनता की आवाज नहीं सुनी जाती और उनके साथ लाठीचार्ज किया जाता है, तो इसका प्रत्यक्ष असर चुनाव परिणामों पर जरूर पड़ेगा। इस बीच, 13 दिसंबर को पटना के बापू परिसर में आयोजित बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा की रद्द परीक्षा आज पुनः आयोजित की जा रही है। 

प्रशांत किशोर ने यह स्पष्ट किया कि उनका विरोध इस परीक्षा के खिलाफ नहीं है, लेकिन उनकी मुख्य मांग यह है कि इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द किया जाए और सभी उम्मीदवारों का पुनः परीक्षा ली जाए। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पहले परीक्षा दे चुके हैं और जिनकी परीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आई थीं, उनके लिए न्याय की मांग करना अत्यंत जरूरी है। प्रशांत किशोर ने यह भी सवाल उठाया कि आज केवल 15,000 बच्चों का री एग्जाम हो रहा है, लेकिन राज्य के 3.5 लाख छात्रों का क्या होगा जिनकी परीक्षा में भारी अनियमितताएं पाई गई थीं? उन्होंने आरोप लगाया कि आधे से अधिक सीटें बिक चुकी थीं और परीक्षा के दौरान कई गंभीर धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे। ऐसे में इन छात्रों का क्या होगा, सरकार उनके सवालों का क्या जवाब देगी? पीके ने कहा कि अगर परीक्षा में सवालों की कठिनाई का स्तर बदलता है, तो यह समानता के मुद्दे को और भी उभार देगा। 

 प्रशांत किशोर ने इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आंदोलन उन बच्चों के हितों के लिए है जिनके साथ पहले अन्याय हुआ। यह आंदोलन केवल परीक्षा से जुड़े छात्रों द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि उन सभी छात्रों के द्वारा किया जा रहा है जो न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके आंदोलन का असर 2025 के चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। हालांकि, पीके ने यह भी बताया कि इस समय यह कहना जल्दबाजी होगा कि इसका फायदा किसे होगा और नुकसान किसे, लेकिन उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता की बात नहीं सुनती और उन पर लाठीचार्ज करती है, तो उसका प्रभाव निश्चित रूप से चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। उनका मानना है कि फिलहाल, उनकी प्राथमिकता यह है कि जिन छात्रों के साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय मिले और सरकार उनकी सही मांगों को समझे। प्रशांत किशोर ने यह भी बताया कि अगर सरकार जल्द ही छात्रों के सवालों का जवाब नहीं देती और इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेती, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। वे यह भी मानते हैं कि इस आंदोलन का सबसे बड़ा फायदा अंततः उन छात्रों को ही होगा जो पिछले कई महीनों से अपनी आवाज उठा रहे हैं, ताकि उन्हें न्याय मिले और अगली बार ऐसा अन्याय न हो।