केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमारा विभाग डिजिटल युग में प्रवेश कर रहा है। हम व्यवसाय प्रक्रिया पुनर्गठन से गुजर रहे हैं, जिसमें हम निकट भविष्य में स्वयं को एक लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन में परिवर्तित करेंगे और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी बनेंगे।" उन्होंने बताया कि डाक विभाग के पास दुनिया का सबसे बड़ा वितरण नेटवर्क है, जिसमें 1,64,000 डाकघर शामिल हैं।
हम आम आदमी की सेवा करते हैं—सिंधिया
सिंधिया ने कहा, "हम आम आदमी की सेवा करते हैं। न केवल डाक भवन में कार्यरत अधिकारी, बल्कि हमारे ग्रामीण डाक सेवक, जो घर-घर जाकर सेवा प्रदान करते हैं—वे हमारे मूल सिद्धांत के प्रतीक हैं: डाक सेवा ही जन सेवा है।" उन्होंने बताया कि यह डिजिटल परिवर्तन भारत के डिजिटल विभाजन को समाप्त करने और सभी नागरिकों की सूचना तक पहुंच बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य को पूरा करेगा।
मंत्री ने बताया कि भारत ने दूरसंचार में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसकी पहुंच 86 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने जोर दिया कि नवाचार, समावेशिता और सुरक्षा को भविष्य के विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया जाए। मंत्री ने पिछले 50 वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र की यात्रा का जिक्र करते हुए सभी हितधारकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।





