मेकाट्रॉनिक्स के छात्र ने बदली किस्मत, शुरू किया 3डी प्रिंटिंग स्टार्टअप
इस मुलाकात में एक युवा लाभार्थी ने बताया कि वह "आदित्य टेक लैब" का संस्थापक है, जहां 3डी प्रिंटिंग, रिवर्स इंजीनियरिंग और रैपिड प्रोटोटाइपिंग जैसे अत्याधुनिक तकनीकों पर काम किया जाता है।
उसने बताया,
“मैं मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का अंतिम वर्ष का छात्र हूं। मैंने दो लाख रुपये का मुद्रा लोन लिया और कॉलेज के साथ-साथ वीकेंड पर अपना बिजनेस भी चलाता हूं। फिलहाल मेरी मासिक आमदनी 30 से 35 हजार रुपये है।”
यूपी की एक महिला लाभार्थी ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“मैं बेकरी व्यवसाय चला रही हूं और मेरा मासिक टर्नओवर 2.5 से 3 लाख रुपये के बीच है। हमारी टीम में 7 से 8 लोग काम करते हैं। पहले लाइसेंस लेने में बहुत दिक्कत होती थी, लेकिन अब सब आसान हो गया है।”
प्रधानमंत्री से उन्होंने वादा किया,
“हम सब मिलकर भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएंगे।”
प्रधानमंत्री ने की सरकार की कार्यशैली की तुलना
पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,
“अक्सर सरकारें योजनाएं बनाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हैं, अखबारों में छपता है, दीये जलते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। लेकिन हमारी सरकार दस साल बाद योजना के प्रभाव और परिणामों की समीक्षा कर रही है, लाभार्थियों से सीधा संवाद कर रही है और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार भी कर रही है।”
प्रधानमंत्री ने मुद्रा योजना को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए कहा,
“आज तक देश के गरीबों, युवाओं और महिलाओं को बिना किसी गारंटी के 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। ये कोई छोटी बात नहीं है। अमीरों को लेकर कहा जाता है कि सरकार सिर्फ उनके लिए काम करती है, लेकिन आप सारे अमीरों को जोड़ लीजिए, उन्हें भी इतना पैसा नहीं मिला होगा जितना हमने सामान्य नागरिकों को दिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि “मुद्रा योजना किसी भी सरकार के लिए आंखें खोलने वाली योजना है, और सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा है।”
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