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तहव्वुर राणा पर बोले पीयूष गोयल, "कांग्रेस ने सज़ा नहीं दी, मोदी सरकार ला रही है आतंकियों को कोर्ट में"

गोयल ने कहा, कांग्रेस के शासन में आतंकवादियों ने जिस होटल पर हमला किया था, आज हम उसी जगह खड़े हैं। 166 लोग मारे गए लेकिन कांग्रेस ने सज़ा दिलाने के लिए |

तहव्वुर राणा पर बोले पीयूष गोयल, "कांग्रेस ने सज़ा नहीं दी, मोदी सरकार ला रही है आतंकियों को कोर्ट में"
फोटो: तहव्वुर राणा पर बोले पीयूष गोयल, "कांग्रेस ने सज़ा नहीं दी, मोदी सरकार ला रही है आतंकियों को कोर्ट में"
26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के भारत प्रत्यर्पण से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने हमले के दोषियों को दंडित करने के लिए कुछ नहीं किया, जबकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन्हें न्याय के कटघरे में लाने का साहस दिखाया है। गोयल ने कहा, “कांग्रेस के शासन में आतंकवादियों ने जिस होटल पर हमला किया था, आज हम उसी जगह खड़े हैं। 166 लोग मारे गए, लेकिन कांग्रेस ने सज़ा दिलाने के लिए कुछ नहीं किया। कसाब, जो पकड़ा गया था, उसे भी बिरयानी परोसी गई। यह पीएम मोदी का संकल्प है कि हमारे देश पर हमला करने वालों को सज़ा दिलाई जाएगी।”

शिवसेना (उद्धव) पर भी साधा निशाना


केंद्रीय मंत्री ने सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह गुट कांग्रेस से भी अधिक तुष्टिकरण की राजनीति करता है। उन्होंने संजय राउत पर आरोप लगाया कि वे अपराध में शामिल किसी भी मुस्लिम व्यक्ति का बचाव सिर्फ समुदाय के आधार पर करते हैं। गोयल ने इंडिया गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इस गठबंधन की सोच सकारात्मक नहीं है, वे तुष्टिकरण से आगे नहीं बढ़ सकते। दूसरी ओर, पीएम मोदी नक्सलवाद और आतंकवाद, दोनों पर निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं।”

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता मजीद मेमन ने कहा कि तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण देश की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है। उन्होंने कहा कि भले ही इसमें देरी हुई हो, लेकिन अब न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मेमन ने 26/11 के दोषी अजमल कसाब की निष्पक्ष सुनवाई का हवाला देते हुए कहा, “कसाब को भी अदालत ने न्याय दिलाने की पूरी प्रक्रिया दी थी। उसी तरह, तहव्वुर राणा को भी निष्पक्ष सुनवाई मिलनी चाहिए, ताकि सच्चाई सबके सामने आए।”

सूत्रों के अनुसार, जनवरी के अंत में मुंबई से दिल्ली बुलाए गए ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड—जिनमें तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली के नाम शामिल हैं—को अब पटियाला हाउस कोर्ट को सौंप दिया गया है। यह रिकॉर्ड राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुरोध पर मंगवाया गया था। गौरतलब है कि राणा को अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा को सहयोग देने और मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।