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सीमा विवाद में अमेरिकी मध्यस्थता पर पित्रोदा का बयान: "चीन से खतरा समझ नहीं आता"

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन से खतरे को नियंत्रित कर पाएंगे, और इस पर उन्होंने कहा, |

सीमा विवाद में अमेरिकी मध्यस्थता पर पित्रोदा का बयान: "चीन से खतरा समझ नहीं आता"
फोटो: China, US mediation
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने सोमवार को कहा कि भारत-चीन विवाद को अक्सर अधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उनका कहना था कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से टकराव वाला रहा है, जो कि अव्यावहारिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन से खतरे को नियंत्रित कर पाएंगे, और इस पर उन्होंने कहा, "मैं चीन से खतरे को नहीं समझ पा रहा हूं। यह मुद्दा अमेरिका में दुश्मन की परिभाषा की प्रवृत्ति का हिस्सा लगता है।" पित्रोदा का मानना था कि अब समय आ गया है कि देशों को आपसी सहयोग की दिशा में सोचना चाहिए, न कि टकराव के। उन्होंने आगे कहा, "हमारी मानसिकता को बदलने की जरूरत है। यह समझना बंद करना होगा कि चीन शुरू से ही दुश्मन है। यह न केवल चीन के लिए, बल्कि सभी के लिए अनुचित है।"

BJP प्रवक्ता का तंज


पित्रोदा के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कटाक्ष किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "जिन्होंने हमारी 40,000 वर्ग किलोमीटर ज़मीन चीन को दे दी, वे अब भी ड्रैगन से खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं।" सिन्हा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी चीन से डरते हैं और बीआरआई (बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव) का समर्थन कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव की तीव्रता को स्वीकार किया। ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये तनाव जारी रहेंगे, लेकिन उन्होंने भारत को मदद देने की पेशकश की। उन्होंने कहा, "अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मुझे खुशी होगी, क्योंकि इसे रोका जाना चाहिए।" 

BJPप्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी चीन के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने 2008 के गुप्त एमओयू का हवाला दिया, जिसे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच हुआ समझौता बताया। भंडारी ने कहा कि डोकलाम विवाद के दौरान राहुल गांधी चीन के राजदूत से गुप्त मुलाकात कर रहे थे, जो कांग्रेस पार्टी के चीन के प्रति नरम रुख को स्पष्ट करता है। ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में भी चीन की महत्वपूर्ण भूमिका की बात की। उन्होंने कहा, "चीन इस युद्ध को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

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