इसके बावजूद सरकार ने अटारी-वाघा बॉर्डर के माध्यम से पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया को तब तक जारी रखने का आदेश दिया है, जब तक कोई नया निर्देश जारी नहीं होता।
वापसी के आंकड़े: पाकिस्तान लौटे और भारत लौटे नागरिक
सरकारी सूत्रों और पीटीआई (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले छह दिनों में कुल 786 पाकिस्तानी नागरिक भारत छोड़ चुके हैं। इन नागरिकों में 55 राजनयिक, उनके परिजन तथा सहायक कर्मचारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 8 भारतीय नागरिक जो पाकिस्तानी वीजा पर भारत में रह रहे थे, वे भी पाकिस्तान चले गए हैं।
उधर, 24 अप्रैल से लेकर 29 अप्रैल तक, 1,465 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से भारत लौटे हैं, जिनमें 25 भारतीय राजनयिक और अधिकारी भी शामिल हैं।
इसके अलावा, दीर्घकालिक भारतीय वीजा पर 151 पाकिस्तानी नागरिक भारत में प्रवेश कर चुके हैं, जो भारत में रह रहे अपने परिवारों से मिलने या चिकित्सा कारणों से आए हैं।
वीज़ा श्रेणियों के अनुसार समय-सीमा
भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग समय सीमाएं तय की गई थीं:
- दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) वीजा धारक: अंतिम तिथि 26 अप्रैल
- मेडिकल वीजा धारक: अंतिम तिथि 29 अप्रैल
-अन्य 12 श्रेणियों के वीज़ा धारक (जैसे व्यवसाय, फिल्म, पत्रकार, छात्र, तीर्थयात्री, सम्मेलन, पर्वतारोहण, आगंतुक, आगमन पर वीजा इत्यादि): अंतिम तिथि 27 अप्रैल
- तिथि-वार नागरिकों की आवाजाही:
24 अप्रैल:
भारत सरकार ने अपने सख्त रुख से यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह सीमा पार से हो या देश के भीतर। सरकार का यह फैसला ना केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की नीति और स्थिति को मजबूत करता है।





