पीड़िता द्वारा गोपालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि अचानक 10 लोगों का एक समूह उनके पास आया। उन्होंने उसके पुरुष मित्र को घेर लिया और फिर बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूरी घटना भय और असहायता की स्थिति में घटित हुई, जबकि उसके साथी को डराकर दूर रखा गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "शुरुआत में सात संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। गहन पूछताछ के बाद बाकी तीन आरोपियों की पहचान हुई और सभी दस को गिरफ्तार कर लिया गया। ये आरोपी दूसरे राज्य में भागने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते उन्हें पकड़ लिया गया।"
पीड़िता की मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है और उसकी काउंसलिंग करवाई जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़िता तीन अन्य महिलाओं के साथ एक निजी मेस में रहती है और घटना के बाद से वह सदमे में है।
इस जघन्य घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा की उपमुख्यमंत्री पार्वती परिदा ने कहा, "मैंने मामले की गंभीरता को देखते हुए गंजम के एसपी सरवण विवेक एम से बात की है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न दोहराई जाएं।"
गोपालपुर समुद्र तट ओडिशा का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर साल हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन पर भी निगरानी और सतर्कता बढ़ाने का दबाव बन रहा है।





