जेडीयू को भाजपा से मिल रहा सम्मान
त्यागी ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों के दुर्व्यवहार के कारण ही नितीश कुमार को इंडिया गठबंधन से लगा होना पड़ा।एनडीए के साथ गठबंधन करने के बाद पीछे मुड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता है, जिसका जिक्र नितीश कुमार ने अपने चुनावी अभियानों में भी कई बार किया है। जेडीयू अब एनडीए का एक मूल्यवान सहयोगी है और पार्टी नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करने का काम करेगी, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं।
त्यागी ने कहा कि नितीश कुमार इंडिया गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, गठबंधन के सदस्यों ने ही उन्हें अलग धकेल दिया। लेकिन एनडीए ने ऐसा नहीं किया है, उन्होंने पार्टी को उसकी सम्मानजनक जगह दी है, जिसकी पार्टी हक़दार है। अब नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में काफ़ी अहम् हो गये हैं।
इंडिया गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों में
त्यागी का बयान ऐसे समय में आया है, जब इंडिया गठबंधन से जुडी शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता सरकार बनाने के लिए नीतीश का समर्थन पाने की कोशिशें कर रहे हैं। ख़बरों के अनुसार अखिलेश यादव को यह जिम्मेदारी दी गयी है कि वह टीडीपी प्रमुख़ चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार से बातचीत कर समर्थन प्राप्त करें। लेकिन नीतीश कुमार आधिकारिक तौर पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को अपना समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने एनडीए के सभी सहयोगियों से कहा कि वे एनडीए को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।
मौजूदा समय में एनडीए के पास 293 सीटें हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 272 सीटों की आवश्यकता होती है। वहीं इंडिया गठबंधन के पास 233 सीटें थी, लेकिन महाराष्ट्र में निर्दलीय सांसद के समर्थन करने के बाद अब गठबंधन की 234 सीटें हो गयी हैं, जबकि कांग्रेस की 99 से 100 सीटें हो चुकी हैं।





