रोहिणी आचार्य ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, "नीतीश कुमार जी की कैबिनेट पर बीजेपी का कब्जा। कैबिनेट विस्तार में अपनी पार्टी के एक भी मंत्री को शामिल नहीं करवा सके नीतीश कुमार, महज बीजेपी के फरमान को मानने के लिए मजबूर हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए अब केवल "मुखौटा" बनकर रह गए हैं, और उन्हें अपनी पार्टी के हितों का संरक्षण करने में पूरी तरह असमर्थता दिखा रहे हैं।
यह कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का दूसरा विस्तार था, जो 28 जनवरी 2024 को बनी थी। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में अब कुल 36 मंत्री हो गए हैं।
इन मंत्रियों में बीजेपी के 21 सदस्य, जदयू के 13, हम के एक और एक निर्दलीय मंत्री शामिल हैं।
बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने राजभवन में एक समारोह आयोजित किया, जिसमें संजय सरावगी, डॉ. सुनील कुमार, जिवेश मिश्रा, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कुष्ण कुमार मंटू और विजय मंडल को मंत्री पद की शपथ दिलाई। यह विस्तार एनडीए के गठन के बाद दूसरी बार हुआ है और इसने बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ ला दिया है, जिसमें बीजेपी का प्रभाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है। RJD और विपक्षी दलों द्वारा नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं और आरोप लगाया जा रहा है कि उनकी सरकार में बीजेपी का दबदबा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
Read This Also:- Bihar Polls: "नीतीश कुमार थक चुके हैं, जनता अब बदलाव चाहती है" – तेजस्वी यादव
Read This Also:- Bihar Polls: "नीतीश कुमार थक चुके हैं, जनता अब बदलाव चाहती है" – तेजस्वी यादव





