हुमायूं कबीर ने बताया कि एक सौ से अधिक लोगों के साथ एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। इसमें बेलदांगा के सभी मदरसों के प्रमुख और सचिव शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मस्जिद निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि जिस बाबरी मस्जिद को गिराया गया था, उसे अब बंगाल के बेलदांगा में बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक मुस्लिम को सम्मान से जीने का अधिकार है और इसी उद्देश्य से मस्जिद का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा।
मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर सीट से विधायक हुमायूं कबीर ममता बनर्जी की पिछली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी रोचक रहा है। 2011 में पहली बार टीएमसी से जीतने के बाद से वे लगातार विधायक हैं और क्षेत्र में उनका दबदबा कायम है। हालांकि, चुनाव के दौरान उन्होंने एक विवादास्पद बयान दिया था जिसने खूब सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा था कि जीतने पर दो घंटे के भीतर भाजपा कार्यकर्ताओं को समाप्त कर नदी में फेंक देंगे। यह बयान राज्य की राजनीति में तूफान ला दिया था और विपक्षी दलों ने इसकी कड़ी आलोचना की थी।
अब बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा से एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जो राजनीतिक गलियारों में तेजी से गूंज रहा है। इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक जियाउर रहमान बर्क ने उनके बयान का दृढ़ समर्थन करते हुए कहा है कि मस्जिद बनाने में कोई बुराई नहीं है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि धार्मिक स्वतंत्रता भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।





