सऊदी विदेश मंत्रालय ने इजरायल के आक्रमण की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है,
"सऊदी अरब, अपने भाई जैसे देश ईरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यह हमला ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।"
गौरतलब है कि 2023 में चीन की मध्यस्थता से ईरान और सऊदी अरब के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ था। हालिया बयान उसी समझौते की भावना को दर्शाता है।
ओमान ने भी इजरायली हमले को "जघन्य सैन्य आक्रमण" करार देते हुए कहा,
"यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। इजरायल इस बढ़ते तनाव का जिम्मेदार है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कड़ा रुख अपनाना चाहिए।" जॉर्डन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी। संचार मंत्री मोहम्मद अल-मोमानी ने कहा,
"जॉर्डन किसी के भी युद्धक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं होगा। हमारी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते यूएई ने क्षेत्रीय हवाई सेवाओं पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज ने अबू धाबी-तेल अवीव रूट की दो उड़ानें रद्द कर दी हैं, जबकि चार अन्य में देरी हो रही है।





