मंत्री का विवादित बयान, विपक्ष ने साधा निशाना
इस दर्दनाक घटना के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री का विवादास्पद बयान सामने आया, जिसने पीड़ितों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, "जहां इतनी बड़ी भीड़ होती है, वहां ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। श्रद्धालुओं को जहां जगह मिले, वहीं स्नान करना चाहिए।"
उनके इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मांग की कि महाकुंभ की "विश्वस्तरीय व्यवस्था" का दावा करने वाले अधिकारियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा, "महाकुंभ में संतों और श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने के लिए इसका प्रबंधन उत्तर प्रदेश सरकार के बजाय सेना को सौंप देना चाहिए।"
कांग्रेस नेता अजय राय ने भी योगी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "महाकुंभ में भगदड़ जैसी भयावह घटना सरकार की पूरी तरह से विफलता को दर्शाती है। योगी सरकार ने जनता के पैसों को सिर्फ अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर खर्च किया, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं की।"
ममता बनर्जी का बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बड़ा दावा किया कि भगदड़ में "कम से कम 15 तीर्थयात्रियों की मौत हुई है।" उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "गंगासागर मेले के अनुभव से मैंने सीखा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए अधिकतम योजना और सावधानी आवश्यक होती है।"
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