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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी कोऑर्डिनेटर पद से हटाया, उत्तराधिकारी न होने का भी ऐलान

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी कोऑर्डिनेटर  पद से हटाया, उत्तराधिकारी न होने का भी ऐलान
फोटो: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी कोऑर्डिनेटर पद से हटाया, उत्तराधिकारी न होने का भी ऐलान
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के उत्तराधिकारी और नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। मंगलवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी। मायावती ने लिखा कि पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी आकाश आनंद को इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।पिछले साल दिसंबर में हुई पार्टी की बैठक में मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।



मायावती ने क्या कहा 

मायावती ने अपने इस फैसले को लेकर एक्स पर लिखा कि पार्टी को खड़ा करने और डॉ. भीमराव आंबेडकर के स्वाभिमान के लिए कांशीराम और खुद की मेहनत का हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि इस आंदोलन को गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है। इसी के तहत हमने आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। लेकिन अब वह अपना फ़ैसला वापस ले रही हूँ। इसके पीछे वजह उन्होंने आकाश आनंद में पूरी परिपक्वता के अभाव को बताया है। इसके साथ ही मायावती ने कहा है कि भले ही आकाश को हटाया गया है, लेकिन इनके पिता आनंद कुमार पार्टी में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह ही निभाते रहेंगे।


पाँच महीने पहले घोषित किया था उत्तराधिकारी

बीते साल 10 दिसंबर 2023 को बसपा ने उत्तर प्रदेश -उत्तराखंड के नेताओं की बैठक बुलाई थी।  बैठक में मायावती ने अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया था। पार्टी की विरासत और राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए अपने भतीजे पर विश्वास जताया था। 

आकाश आनंद ने 2017 में राजनीति में एंट्री की थी। 2017 में आकाश आनंद सहारनपुर की जनसभा में मायावती के साथ दिखे थे।  इसके बाद वह लगातार पार्टी में रहकर कार्य कर रहे थे। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। यह फैसला तब लिया गया जब सपा और बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद टूटा। 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आया था।

आकाश आनंद के खिलाफ मायावती का यह फैसला ऐसे समय पर आया जब हाल ही में यूपी में दिया उनका एक भाषण काफी सुर्खियों में था।  उन्होंने अपने एक भाषण में बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा था कि यह बुलडोज़र और गद्दारो की सरकार है। 28 अप्रैल को सीतापुर में एक चुनावी रैली में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में आकाश आनंद और चार अन्य के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था।