विधायकों के घरों पर किया था हमला
इंफाल घाटी में मैतेई समुदाय की छह महिलाओं और बच्चों के शव नदियों में मिलने के बाद आक्रोशित भीड़ ने कई विधायकों के घरों में तोड़फोड़ की। 11 नवंबर को जिरिबाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बाद कुकी आतंकवादियों ने कथित तौर पर नागरिकों का अपहरण किया। इस मुठभेड़ में कुकी के 10 उग्रवादी मारे गए। इंफाल घाटी के मैतेई और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी-जो समुदायों के बीच पिछले साल मई से चल रही जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
मेइती कट्टरपंथी संगठन अरम्बाई टेंगोल के प्रमुख कोरोउ नगांबा खुमान और कुकी उग्रवादी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की जांच के दायरे में हैं। एनआईए को संघर्षग्रस्त मणिपुर में सुरक्षा बलों पर हमलों और आईईडी विस्फोट के चार मामलों की जांच सौंपी गई है। इन चार मामलों में इंफाल में प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर से हथियार और गोला-बारूद की लूट, मोरेह में भारतीय रिजर्व बटालियन चौकी पर हमला और बिष्णुपुर में आईईडी विस्फोट शामिल हैं। गृह मंत्रालय के आतंकवाद एवं कट्टरपंथ रोधी प्रभाग ने हाल ही में एनआईए को इन मामलों की जांच सौंपी है।
NIA ने क्या कहा
NIA की ओर से उच्चतम न्यायालय में दायर हस्तांतरण याचिका में कहा गया है कि खुमान से जुड़ा पहला मामला पिछले साल एक नवंबर की घटना का है। उस दिन फेसबुक पेज पर कोरू नगांबा खुमान द्वारा मणिपुरी भाषा में किए गए आह्वान पर, उसके नेतृत्व में अरम्बाई टेंगोल के कई सदस्य अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर, छद्म वर्दी और काले रंग की शर्ट पहनकर हल्के वाहनों में आए और इंफाल पूर्वी जिले के 'पैलेस कंपाउंड' में जमा हुए। फेसबुक पेज पर आह्वान किया गया था, 'कृपया सभी बहादुर भाई एक साथ आएं और उन सभी को अंतिम सबक सिखाएं।' हलफनामे के अनुसार, जब इंफाल पूर्व थाने के कर्मियों ने उन्हें पैलेस के द्वार पर रोका, तो समूह ने पुलिस पर गोलीबारी की। उन्होंने स्थानीय पुलिस को काबू में कर लिया और हल्के वाहनों में सवार होकर संजेनथोंग पुल से होते हुए इंफाल पश्चिम की ओर चले गए।





