मणिपुर सरकार का कहना है कि एमएनएफ सरकार घुसपैठ, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में असफल रही है।
मणिपुर सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि एमएनएफ आंतरिक सुरक्षा और रक्षा को मजबूत करने के लिए म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के भारत सरकार के प्रयासों का विरोध करती रही है। DIPR ने अपने बयान में कहा कि मणिपुर सरकार मिजो नेशनल फ्रंट द्वारा राज्य के आंतरिक मामलों में किए जा रहे हस्तक्षेप को पूरी तरह खारिज करती है।
मुख्यमंत्री दें इस्तीफ़ा
मणिपुर सरकार के अनुसार, मिजोरम स्थित इस राजनीतिक दल के मुख्यमंत्री को पिछले विधानसभा चुनाव में म्यांमार के शरणार्थियों के समर्थन में किए गए राष्ट्र विरोधी प्रचार और मणिपुर विरोधी रुख के बावजूद हराया गया था। उल्लेखनीय है कि MNF ने मणिपुर के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी।
गौरतलब है कि मणिपुर में अवैध प्रवासन और मादक पदार्थों की समस्या का मुख्य स्रोत म्यांमार को माना जा रहा है। एमएनएफ ने पहले असम के तत्कालीन मिजो जिले में एक आंदोलन का नेतृत्व किया था।
मणिपुर सरकार ने अपने बयान में कहा कि राज्य का वर्तमान संकट पड़ोसी म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों की वजह से है। अफीम की अवैध खेती करने वाले इन प्रवासियों ने एन बीरेन सिंह की सरकार को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।





