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Maharashtra: सरपंच संतोष देशमुख मर्डर केस, धनंजय मुंडे ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया

धनंजय मुंडे के निजी सहायक (PA) प्रशांत जोशी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से उनका इस्तीफा सौंपा।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा,

Maharashtra: सरपंच संतोष देशमुख मर्डर केस, धनंजय मुंडे ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया
फोटो: Dhananjay Munde
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और अजित पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात की पुष्टि की है। धनंजय मुंडे के निजी सहायक (PA) प्रशांत जोशी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से उनका इस्तीफा सौंपा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा, "मुंडे ने अपना इस्तीफा मुझे भेजा है और हमने इसे राज्यपाल को आगे की प्रक्रिया के लिए सौंप दिया है।"

सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़े हैं तार


दरअसल, महाराष्ट्र की महायुति सरकार में मंत्री रहे धनंजय मुंडे की मुश्किलें सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड के चलते लगातार बढ़ती जा रही थीं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने हाल ही में दाखिल अपनी चार्जशीट में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड को इस हत्या का मास्टरमाइंड बताया है। चार्जशीट में कहा गया है कि बीड जिले में जबरन वसूली का विरोध करने पर सरपंच संतोष देशमुख की हत्या कर दी गई थी। इस कांड में धनंजय मुंडे के कई अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम अजित पवार और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कहा था कि धनंजय मुंडे को मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।

इस मामले में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड और उनके 6 गुर्गों को इस साल जनवरी में महाराष्ट्र पुलिस ने मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट, 1999) के तहत गिरफ्तार किया था। मकोका की धाराओं के तहत कार्रवाई गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में की जाती है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया था।

धनंजय मुंडे के इस्तीफे ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। महायुति सरकार को इस मामले से गहरा झटका लगा है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो चुका है। महाविकास अघाड़ी (MVA) ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि "यह सरकार अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रही है, लेकिन जनता के दबाव के चलते अब इस्तीफा देना पड़ा।"

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