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Maharashtra: स्वास्थ्य के मुद्दे पर महायुति में सत्ता संघर्ष, फडणवीस और शिंदे के दफ्तरों के बीच टकराव

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री सहायता डेस्क और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता डेस्क स्थापित किए थे। इसके जवाब में, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपना |

Maharashtra: स्वास्थ्य के मुद्दे पर महायुति में सत्ता संघर्ष, फडणवीस और शिंदे के दफ्तरों के बीच टकराव
फोटो: Maharashtra, Fadnavis, Shinde
महाराष्ट्र में महायुति को बंपर बहुमत मिलने के बावजूद, बीजेपी और शिवसेना के बीच सत्ता संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया विवाद मुख्यमंत्री कार्यालय (ऑफिस) को लेकर उत्पन्न हुआ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री सहायता डेस्क और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता डेस्क स्थापित किए थे। इसके जवाब में, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपना "उपमुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता डेस्क" बना दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय के सातवें फ्लोर पर यह सत्ता संघर्ष स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जहां एक तरफ फडणवीस का "वार रूम" प्रमुख परियोजनाओं और महत्वपूर्ण बैठकों पर नजर रखता है, वहीं शिंदे ने पास में एक "समन्वय समिति कक्ष" स्थापित किया है, जहां वह महाराष्ट्र की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं।

सीएम फडणवीस का बयान


जब इस मुद्दे पर सीएम फडणवीस से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में कुछ भी असामान्य नहीं है। उदाहरण देते हुए फडणवीस ने बताया कि जब वह राज्य के डिप्टी सीएम थे, तो उनका कार्यालय भी मुख्यमंत्री के पास ही था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है।

शिंदे गुट के नेताओं का रुख


वहीं, शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि दो अलग-अलग कार्यालयों का होना राज्य की परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने और सार्वजनिक कल्याण में सुधार करने में सहायक हो सकता है। इससे पहले, शिंदे को आपदा प्रबंधन समिति में शामिल नहीं किया गया था, जिसपर उन्होंने नाराजगी जताई थी। बाद में, नए नियम बनाकर उन्हें समिति में शामिल किया गया।

रायगढ़ और नासिक जिलों के गार्जियन मंत्रियों की नियुक्तियों को लेकर भी विवाद जारी है। फडणवीस ने शिंदे गुट के विधायकों के विरोध के बाद इन नियुक्तियों को स्थगित कर दिया था। शिवसेना के शिंदे गुट ने सरकार में शक्ति और संसाधनों के बंटवारे को लेकर अपनी असंतोषपूर्ण स्थिति को खुलकर जाहिर किया है।

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