न्यूज एजेंसी से बातचीत में फडणवीस ने कहा,
"मैंने पुलिस से पूछा कि अनुमति क्यों नहीं दी गई। जानकारी मिली कि आयोजक जानबूझकर ऐसा मार्ग मांग रहे थे, जो संवेदनशील इलाका है और टकराव की आशंका थी। उन्हें वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग सुझाया गया, लेकिन उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।"
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मार्च या आंदोलन के खिलाफ नहीं है, लेकिन उसकी आड़ में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। फडणवीस ने जोड़ा, "अगर आयोजक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना चाहते हैं तो प्रशासन तत्काल अनुमति देने को तैयार है। लेकिन यह कहना कि सिर्फ वही मार्ग तय होगा जो हम कहें, यह स्वीकार्य नहीं। उन्हें बार-बार मार्ग बदलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने नहीं सुना।"
प्रदर्शन की घोषणा के बाद मनसे कार्यकर्ता मीरा रोड इलाके में जुटने लगे। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने दावा किया कि आज यह तय होना चाहिए कि राज्य में पुलिस की ताकत ज्यादा है या मराठी मानुष की। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया और कई मनसे कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।





