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Maharashtra: महायुति में सब कुछ ठीक, सीएम फडणवीस ने किया विवादों को खारिज

उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महायुति सरकार की स्थिरता को लेकर विपक्ष |

Maharashtra: महायुति में सब कुछ ठीक, सीएम फडणवीस ने किया विवादों को खारिज
फोटो: CM Fadnavis, Mahayuti
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में आंतरिक कलह की चर्चाओं और बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि महायुति में किसी भी तरह का आंतरिक संघर्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल एकजुट होकर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महायुति सरकार की स्थिरता को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। गौरतलब है कि महायुति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना शामिल हैं।

महायुति सरकार में एकता पर जोर


राज्य विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ से पहले मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री फडणवीस ने डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दोहराया कि महायुति के भीतर कोई आंतरिक मतभेद नहीं है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "जो लोग हमें जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि जब हम एक साथ होते हैं, तो हम क्या कर सकते हैं।" एकनाथ शिंदे ने इस मौके पर कहा, "बस इतना हुआ है कि फडणवीस और मैंने अपनी कुर्सी बदल ली है। केवल अजित पवार की कुर्सी तय हुई है।" शिंदे का यह बयान 2022 की राजनीतिक उथल-पुथल की ओर इशारा करता है, जब उनकी बगावत के कारण महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। अजित पवार ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा, "अगर आप अपनी कुर्सी नहीं बचा सके, तो मैं क्या कर सकता हूं?" इस पर तीनों नेता हंस पड़े, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार के भीतर अच्छे तालमेल का माहौल बना हुआ है।

विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया


शिंदे से जब उनकी "मुझे हल्के में न लें" वाली टिप्पणी के संदर्भ में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान उन लोगों के लिए था, जिन्होंने उन्हें कमजोर समझने की भूल की थी। उनका इशारा सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था। एनसीपी नेताओं धनंजय मुंडे और माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के दबाव पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार ने पहले ही मुंडे के मामले में अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।

कोकाटे के मामले में उन्होंने कहा, "चूंकि मामला अदालत में विचाराधीन है, हम कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेंगे। यदि अदालत का अंतिम आदेश उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार करता है, तो उन्हें इस्तीफा देना होगा। अन्यथा, इस पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं होगी।" धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को दिसंबर 2024 में बीड जिले के मासजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, माणिकराव कोकाटे को 30 साल पुराने एक मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में 20 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। यह मामला आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोटे के तहत फ्लैट हासिल करने से संबंधित है।

विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष की कम संख्या के बावजूद किसी भी विधायी प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "हम कानून और सार्वजनिक महत्व के विषयों पर गंभीर चर्चा की उम्मीद करते हैं। वित्त मंत्री अजित पवार संतुलित बजट पेश करेंगे, और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार की प्रमुख योजनाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।" अजित पवार ने भी कहा, "हमारे पास 237 विधायकों का बहुमत है, लेकिन हम सदन में विपक्ष की चिंताओं का सम्मान करते हुए उनकी हर चर्चा का जवाब देंगे।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि "लाड़की बहन योजना" जैसी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को किसी भी तरह की वित्तीय बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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