Molitics Logo
होम Maharashtra: गठबंधन में अनबन? फडणवीस की बैठक में शिंदे की गैरहाजिरी पर उठे सवाल

Maharashtra: गठबंधन में अनबन? फडणवीस की बैठक में शिंदे की गैरहाजिरी पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हुए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल |

Maharashtra: गठबंधन में अनबन? फडणवीस की बैठक में शिंदे की गैरहाजिरी पर उठे सवाल
फोटो: Maharashtra, Fadnavis, Shinde
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं लग रहा है। हाल ही में ऐसी अटकलें तेज हो गईं जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हुए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे कि क्या फडणवीस और शिंदे के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।

 बैठकों में दूरी ने बढ़ाई अटकलें


दरअसल, 2027 में नासिक में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस ने नासिक महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NMRDA) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में एकनाथ शिंदे को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए। इसके दो दिन बाद, शिंदे ने खुद नासिक का दौरा किया और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर अलग से समीक्षा बैठक की, जिससे महायुति में दरार की खबरें और तेज हो गईं।

हालांकि, शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने यह बैठक इसलिए की क्योंकि वे अपनी पार्टी की रैली के लिए पहले से ही नासिक में मौजूद थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है और नासिक तथा रायगढ़ के संरक्षक मंत्री पद को लेकर चल रहा विवाद जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

महाजन-भुसे के बीच भी टकराव?


इससे पहले, जब मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक में एक बैठक बुलाई थी, तो शिंदे गुट के मंत्री दादा भुसे, जो नासिक के संरक्षक मंत्री पद के लिए इच्छुक हैं, उसमें शामिल नहीं हुए थे। इस पद को लेकर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच तनातनी बनी हुई है। गिरीश महाजन ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें शिंदे की बैठक में बुलाया गया था, लेकिन कुछ व्यस्तताओं के चलते वे शामिल नहीं हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि "कुंभ मेला एक सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए यदि शिंदे ने इसकी समीक्षा बैठक की, तो इसमें कुछ गलत नहीं है।"

हालांकि महाजन और शिंदे दोनों ने ही गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि महायुति में सत्ता और पदों को लेकर खींचतान जारी है। नासिक के संरक्षक मंत्री पद की होड़ और कुंभ मेले की तैयारियों से जुड़ी बैठकों में हो रही अनदेखी और गैरमौजूदगी इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सबकुछ पूरी तरह से ठीक नहीं चल रहा।

Read This Also:- Maharashtra: "लाडकी बहिन योजना से अन्य योजनाओं का बजट प्रभावित नहीं हुआ": राजस्व मंत्री का स्पष्टीकरण