यह झगड़ा तब हुआ जब लेन बदलते समय आज़मी की कार बिना इंडिकेटर दिए मुड़ गई, जिससे पीछे आ रहे वाहन चालक नाराज हो गए और दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
सोमवार रात 11:12 बजे, पणजी पुलिस कंट्रोल रूम में कैंडोलिम के न्यूटन सुपरमार्केट के पास झगड़े की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया और उन्हें कलंगुट पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हालांकि, BNS की धारा 35 के तहत नोटिस जारी करने के बाद चारों को रिहा कर दिया गया।
झगड़े की वजह क्या थी?
पुलिस के मुताबिक, फरहान आज़मी अपने किशोर बेटे और ड्राइवर के साथ मर्सिडीज एसयूवी में यात्रा कर रहे थे। रास्ते में उन्होंने बिना इंडिकेटर दिए मुड़ने की कोशिश की, जिससे पीछे आ रहे स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने आज़मी की कार रोक ली। बहस इतनी बढ़ गई कि मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और उन्होंने फरहान और उनके ड्राइवर को कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस की जांच जारी
चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। कहा जा रहा है कि फरहान आज़मी ने खुद को विधायक का बेटा बताते हुए स्थानीय लोगों पर धौंस जमाने की कोशिश की। हालांकि, जब स्थिति बिगड़ने लगी तो फरहान और उनके ड्राइवर को पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
फरहान आज़मी की पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री आयशा टाकिया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखते हुए इस घटना को "भयावह रात" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि—
उनके पति और बेटे को स्थानीय लोगों ने धमकाया और परेशान किया।
गोवा में महाराष्ट्र के प्रति नफरत बढ़ रही है और इसी वजह से फरहान को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, जबकि उन्होंने तो 100 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी थी।
गोवा पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि फरहान आज़मी के पास गोवा में हथियार ले जाने की अनुमति थी और उन्होंने वैध हथियार लाइसेंस भी दिखाया। लेकिन चूंकि यह झगड़ा सार्वजनिक स्थान पर हुआ था और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी, इसलिए कलंगुट पुलिस स्टेशन के पीएसआई परेश सिनारी ने इस मामले में शिकायत दर्ज की है।





