इसमें दस लाख कल्पवासी भी शामिल थे, जो इस खास अवसर पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए उपस्थित हुए थे। रविवार तक 13.21 करोड़ श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत धार्मिक अवसर का लाभ उठाया। यह आंकड़ा महाकुंभ के धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाता है।
मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को 28 से 30 जनवरी तक शटल बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके तहत शहर में 13 रूटों पर शटल बसों का संचालन किया जाएगा, जो अस्थायी बस अड्डों और एयरपोर्ट से लेकर प्रमुख स्थानों तक यात्रियों को लेकर जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा करने में सुविधा होगी और वे आसानी से संगम तक पहुंच सकेंगे।
शनिवार और रविवार को जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रयागराज से महाकुंभ नगरी तक पहुंची, तो शहर में इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ अनुमान से कई गुना बढ़ गई, जिसके कारण उत्तर मध्य रेलवे और अन्य रेल विभागों को तत्काल ऑन डिमांड ट्रेनें चलानी पड़ीं। विशेष कुम्भ ट्रेनें यात्रियों से पूरी तरह भर गईं। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि पहले से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण रूटीन ट्रेनों के अलावा 17 कुम्भ विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया, ताकि भीड़ को संभालने में कोई समस्या न हो और श्रद्धालुओं को सही समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
इन ट्रेनों और शटल बसों के संचालन से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली और महाकुंभ का आयोजन सुचारू रूप से चलने में मदद मिली।
इस भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पवित्र संगम में स्नान कर सकें और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।
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