पोस्टल बैलेट का रिजल्ट ईवीएम से पहले
चुनाव आयोग से बैठक के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “हम गठबंधन के नेता इस चुनाव में तीसरी बार एक साथ चुनाव आयोग गये हैं। हमने हमारी चिंताओं को चुनाव आयोग को बताया और चर्चा की।” सिंघवी ने कहा हमने चुनाव आयोग के सामने पांच विषय पर चर्चा की। पहला, पोस्टल बैलेट के रिजल्ट ईवीएम के रिजल्ट से पहले जारी किए जाएँ। दूसरा, नियमों के तहत काउंटिंग हो, पर्यवेक्षक इन नियमों को लागू कराएँ। तीसरा, मतगणना की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग हो और कंट्रोल यूनिट का वेरिफिकेशन हो। चौथा मशीन से जो डेटा आए उसे कन्फर्म किया जाए और पाँचवाँ ईवीएम को जब सील किया जाता है, तो उसे वेरीफाई करने के लिए काउंटिंग एजेंट होते हैं। काउंटिंग के दौरान उसे रीकन्फर्म किया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में सीपीएम के सीताराम येचुरी भी थे। येचुरी ने पत्रकारों से कहा कि पोस्टल बैलेट चुनाव के मामले में निर्णायक साबित होते हैं। ये प्रक्रिया चुनाव के परिणाम को पूरी तरह से बदल सकता है। नियम के अनुसार पोस्टल बैलेट की गिनती पहले की जाती है, जिसके कुछ समय बाद ईवीएम की गिनती शुरू की जा सकती है। पोस्टल बैलेट का परिणाम, ईवीएम से पहले घोषित किया जाना अनिवार्य है लेकिन चुनाव आयोग ने इस नियम को बदल दिया है, जो कानून के हिसाब से सही नहीं है।
बीजेपी ने भी चुनाव आयोग से मुलाकात की
इंडिया गठबंधन के बाद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल समेत कई बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। बैठक के बाद पीयूष गोयल ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने मिलकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाये हैं, यह एक लोकतांत्रिक संस्था पर हमला हैं। गोयल ने कहा, “हमने चुनाव आयोग के समक्ष तीन मांग रखी हैं। हमारी पहली, मांग है कि वोट काउंटिंग में लगे चुनाव आयोग के हर अधिकारी इसकी प्रक्रिया को अच्छी तरह से जानता हो और चुनाव आयोग के सभी प्रोटोकॉल का पालन करे। दूसरी, काउंटिंग और नतीजों के ऐलान के समय प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और तीसरी, चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने की लगातार कोशिशों का संज्ञान ले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एक्शन लें।





