याचिकाकर्ता ने पीड़िता को सुरक्षा देने और उचित मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की है। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा पीड़िता के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियों का भी याचिका में उल्लेख किया गया है। यह मामला 25 जून को तब सामने आया, जब साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा ने आरोप लगाया कि दो सीनियर छात्रों और एक पूर्व छात्र ने मिलकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। घटना ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस ने रविवार को खिदरपुर इलाके में रैली निकाली, जबकि भाजपा की युवा शाखा ने हाटीबागान में प्रदर्शन किया। दोनों दलों ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर सवाल खड़े किए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी रविवार को एक पैदल मार्च का नेतृत्व किया।
उन्होंने कहा, "जब तक ममता बनर्जी सत्ता में रहेंगी, बंगाल में बेटियां सुरक्षित नहीं रह सकतीं। अतीत में भी उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय पीड़ितों के चरित्र पर सवाल उठाए हैं।" मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कई नागरिक संगठनों ने भी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में प्रदर्शन करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और महिला सुरक्षा की गारंटी की मांग की है।





