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7 PPM अमोनिया वाले जहरीले पानी की चार बोतलें पैकिंग के साथ चार नेताओं को भेजने की तैयारी में केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले यमुना के पानी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, आम आदमी पार्टी के संयोजक |

7 PPM अमोनिया वाले जहरीले पानी की चार बोतलें पैकिंग के साथ चार नेताओं को भेजने की तैयारी में केजरीवाल
फोटो: App, Kejriwal,
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले यमुना के पानी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने 7 पीपीएम अमोनिया वाले जहरीले पानी की चार बोतलें तैयार कीं और उनका कहना था कि वह इन्हें चार प्रमुख नेताओं के घर भेजने वाले हैं, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी शामिल था। केजरीवाल ने यह कदम ऐसे समय में उठाया, जब दिल्ली की पानी की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहरा चुका था और वह लगातार इसे अपने राजनीतिक हमले का हिस्सा बना रहे थे। केजरीवाल ने कहा कि "कल नायब सैनी जी ने एक नौटंकी की थी और फिर खुद ही फंस गए।" उन्होंने आरोप लगाया कि सैनी ने मंच पर सार्वजनिक रूप से पानी पीने का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने उसे फेंक दिया।

 केजरीवाल ने इस पर एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें यह दिखाया गया कि सैनी ने पानी पीने के बाद इसे फेंक दिया, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि पानी में इतनी गंध थी कि सैनी की प्रतिक्रिया से यह जाहिर हुआ कि उन्हें उल्टी आ गई थी। इसके बाद, केजरीवाल ने एक और बड़ा बयान दिया और कहा, "आज मैंने 7 पीपीएम अमोनिया के पानी को क्लोरीन मिलाकर चार बोतलों में भरकर रखा है।" उनका कहना था कि वह यह बोतलें संजय सिंह और आप के अन्य नेताओं के जरिए भाजपा और अन्य प्रमुख नेताओं के पास भेजेंगे। वे यह संदेश देना चाहते थे कि अगर इन नेताओं को यमुना का पानी इतना खतरनाक नहीं लगता, तो उन्हें इसे पीकर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पानी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन नेताओं को पीकर दिखाना चाहिए, ताकि यह साबित हो सके कि पानी वाकई इतना जहरीला नहीं है, जैसा वह दावा कर रहे हैं। 

 केजरीवाल ने इस बयान को और मजबूत करते हुए कहा कि "यदि इनमें सच्चाई है और यदि इनमें हिम्मत है, तो वे यह पानी पीकर दिखा सकते हैं।" उनका कहना था कि हरियाणा से दिल्ली तक आने वाले यमुना के पानी में पिछले कुछ दिनों से अमोनिया का स्तर बढ़ गया है, जिससे यह पानी बेहद जहरीला हो गया है। इस पानी में अमोनिया का स्तर 7 पीपीएम तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इतने उच्च स्तर के अमोनिया से इंसान की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और यह जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इसके बाद, केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जबसे उन्होंने यमुना में अमोनिया के उच्च स्तर का मुद्दा उठाया है, तबसे यह स्तर अचानक कम हो गया है और अब यह 3 पीपीएम तक आ गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अचानक क्यों हुआ? अगर पानी सचमुच इतना जहरीला था, तो उसे अचानक कम करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शायद पहले यह उच्च स्तर जानबूझकर रखा गया था, और अब राजनीतिक दबाव के चलते इसे कम किया गया है।

 केजरीवाल के इस बयान ने यमुना के पानी की गुणवत्ता और दिल्ली सरकार की आलोचना को और तीव्र कर दिया है। उनका यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, और उन्होंने दिल्ली के लोगों को यह समझाने की कोशिश की है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं है, बल्कि जनता की सेहत और जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

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