इस मामले में, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के लिए आदेश दिया, जिसे कथित तौर पर कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया था। अदालत ने कहा कि डीसीपी को अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिसमें इस पोस्ट से संबंधित सभी तथ्यों और जानकारी को शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने के लिए 8 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को राहत देने से इनकार करते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी। कपिल मिश्रा के वकील ने तर्क दिया था कि उनके खिलाफ एफआईआर क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) के नियमों के तहत उचित तरीके से दर्ज नहीं की गई थी।
वकील ने यह भी दावा किया कि 'एक्स' पर किया गया पोस्ट किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से नहीं था, और उसमें किसी धर्म या धार्मिक समुदाय का नाम नहीं लिया गया था। इसके अलावा, इस पोस्ट में CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी नहीं की गई थी, जैसा कि आरोप लगाया जा रहा था।
कपिल मिश्रा के खिलाफ यह मामला अब महत्वपूर्ण मोड़ पर है, और अदालत द्वारा निर्देशित स्टेटस रिपोर्ट और आगामी सुनवाई इस मामले के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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