विजयेंद्र ने एक्स पर लिखा,
“हर कलाकार को सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कमल हासन जैसे अनुभवी अभिनेता, जो कन्नड़ सहित कई भाषाओं में काम कर चुके हैं, ऐसी टिप्पणी करें।”
उन्होंने मांग की कि कमल हासन को “बिना शर्त कन्नड़वासियों से माफी मांगनी चाहिए।” विजयेंद्र ने आगे कहा कि कन्नड़ का इतिहास ढाई हजार साल पुराना है, और यह भाषा केवल कर्नाटक ही नहीं, भारत और दुनिया के कई हिस्सों में प्रतिष्ठित रही है।
कर्नाटक रक्षण वेदिके (प्रवीण शेट्टी गुट) के कार्यकर्ताओं ने कमल हासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। संगठन प्रमुख ने आरोप लगाया कि
“कमल हासन कार्यक्रम स्थल से कार्यकर्ताओं के विरोध से पहले ही निकल गए। अगर आप कर्नाटक में व्यापार करना चाहते हैं, तो यहां की भाषा और संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
वहीं तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने भी हासन के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया और सवाल उठाया कि उनके पास ऐसा कहने का इतिहास या प्रमाण क्या है।
कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने बयान को "अनावश्यक विवाद" बताया और कहा,
“तमिल और कन्नड़ दोनों प्राचीन भाषाएं हैं। आज जब हमें एकजुटता की जरूरत है, ऐसे बयान समाज को बांटने का काम करते हैं।” इस बीच तमिलनाडु में हासन की पार्टी मक्कल नीधि मैयम (MNM) ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें उन्हें राज्यसभा सदस्य के तौर पर भेजे जाने की सिफारिश की गई है। पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे पर अभी तक औपचारिक सफाई नहीं दी है।





