अमित का एक दोस्त संदीप भी कार में मौजूद था। कुछ दूर चलने के बाद आरोपियों ने बीयर खरीदी और पीड़िताओं को जबरन पिलाई। इसके बाद आरोपियों ने अपनी हैवानियत शुरू की और उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं देना शुरू कर दिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह और उसकी सहेली आरोपियों से छुटकारा पाने के लिए गिड़गिड़ाईं, तो भी आरोपियों ने उनकी एक नहीं सुनी। एक सहेली को आरोपियों ने मेरठ के टिमकिया क्षेत्र में हाईवे पर फेंक दिया, जहां उसे वाहनों ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दूसरी पीड़िता ने रातभर की दरिंदगी के बाद सुबह होते ही कार से कूदकर अपनी जान बचाई। किसी तरह वह घटनास्थल से भाग निकली और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। आरोपी संदीप का आपराधिक इतिहास पहले भी रहा है। उसके खिलाफ खुर्जा नगर कोतवाली में मारपीट, चोरी, लूट और अन्य अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
संदीप को पहले भी जेल भेजा जा चुका है, और वह अपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें 24 घंटे के लिए रिमांड पर लिया और मामले की जांच शुरू की।
इसके अलावा, पुलिस ने संदीप के फोन कॉल डिटेल्स की रिपोर्ट निकाली, जिसमें यह पता चला कि घटना के बाद भी वह खुर्जा के कुछ लोगों के संपर्क में था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स के आधार पर कुछ संदिग्धों को पकड़ा और उनसे पूछताछ की।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों ने एक युवती को कार से धक्का मारकर हाईवे पर फेंका, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। इस मामले में पुलिस की चूक भी सामने आई है, क्योंकि आरोपी 172 किलोमीटर का सफर करते हुए गौतमबुद्धनगर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जिलों से गुजरे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ने में कोई सफलता नहीं पाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया है और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।





