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दिमाग काम नहीं कर रहा तो बेटे को CM बना दें नीतीश कुमार- राबड़ी देवी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रगान के दौरान हिलने-डुलने और हंसने को लेकर इन दिनों सियासी माहौल गरमाया हुआ है। यह घटना उस समय चर्चा का विषय |

दिमाग काम नहीं कर रहा तो बेटे को CM बना दें नीतीश कुमार- राबड़ी देवी
फोटो: दिमाग काम नहीं कर रहा तो बेटे को CM बना दें नीतीश कुमार- राबड़ी देवी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रगान के दौरान हिलने-डुलने और हंसने को लेकर इन दिनों सियासी माहौल गरमाया हुआ है। यह घटना उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह राष्ट्रगान के दौरान हंसते और हिलते-डुलते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया और नीतीश कुमार पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया। इस विवाद के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें एक विवादित सलाह दी। राबड़ी देवी ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि अगर नीतीश कुमार का दिमाग सही से काम नहीं कर रहा है, तो उन्हें अपने बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। 

राबड़ी देवी ने यह बयान उस समय दिया जब विपक्ष ने बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर हंगामा किया। राबड़ी ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह खुद मुख्यमंत्री रहने लायक नहीं समझते, तो कम से कम अपने बेटे को यह जिम्मेदारी सौंप दें। उनका यह बयान नीतीश कुमार के मानसिक स्वास्थ्य पर उठाए गए सवालों को और बढ़ा गया। यह विवाद उस समय और गहरा हो गया जब राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार के गुरुवार को पटना में आयोजित सेपक टकरा वर्ल्ड कप के उद्घाटन समारोह के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। राबड़ी ने आरोप लगाया कि इस वीडियो में नीतीश कुमार ने राष्ट्रगान के प्रति पूरी तरह से अनादर और अपमान दिखाया है, और यह पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, तो यह केवल बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर मामला बन सकता है। वहीं, बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्षी नेताओं ने नीतीश कुमार पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायक और एमएलसी ने सदन के अंदर "राष्ट्रगान का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान" के नारे लगाए। इस हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में स्थगित करनी पड़ी।

 सदन के अंदर इस मुद्दे पर तीव्र विरोध देखने को मिला, और यह सवाल उठाया गया कि एक मुख्यमंत्री को राष्ट्रगान के प्रति इतनी लापरवाही क्यों दिखाई दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस वीडियो पर सफाई देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री का राष्ट्रगान का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य घटना थी, और इसको विवाद का रूप नहीं देना चाहिए। सुनील कुमार ने यह भी कहा कि अगर आप नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल को देखें, तो उन्होंने बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कार्यकाल हमेशा से बेहतरीन रहा है और जनता के प्रति उनकी निष्ठा किसी से छिपी नहीं है।

 विपक्ष को आलोचना करने का पूरा हक है, लेकिन उन्हें अपनी आलोचनाओं को तथ्यों पर आधारित रखना चाहिए। यह सियासी विवाद अब बिहार की राजनीति में एक नए मोड़ की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जहां एक ओर राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने उनके खिलाफ और भी कड़ी आलोचनाएं की हैं। इस विवाद ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गर्म कर दिया है, और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में क्या आगे की कार्रवाई होगी। क्या नीतीश कुमार अपने खिलाफ उठ रहे सवालों का सही तरीके से जवाब देंगे, या फिर यह मामला समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा?

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