आप से बीजेपी में हुए थे शामिल
अशोक तंवर ने 2019 में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी। करीब 22 महीने आप में रहने के बाद उन्होंने 8 महीने पहले इससे भी इस्तीफा दे दिया। जिसकी वजह उन्होंने इंडिया गठबंधन में कांग्रेस और आप को एक होना बताया था। आप से पहले वह कुछ समय के लिए तृणमूल कांग्रेस में रहे। इसके बाद अशोक तंवर दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा शामिल हुए। लेकिन गुरुवार को वह राहुल गांधी की मौजूदगी में दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए।
अशोक तंवर के शामिल होने को लेकर कांग्रेस ने एक्स पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा से ही शोषितों, वंचितों के लिए आवाज उठाई है। संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ाई लड़ी है। हमारे इसी संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में भाजपा की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक श्री अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए। इनके आने से दलितों की हक़ की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
2014 में बने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष
अशोक तंवर 17 साल की उम्र में 1993 में कांग्रेस पार्टी से जुड़े थो। उन्हें 2003 में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया(NSUI) का राष्ट्रीय अध्यक्ष और 2005 में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बनाया गया था। यूथ संगठन के अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के साथ काम किया। 2014 में उन्हें हरियाणा प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बतौर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा में हमेशा दूरी बनी रही। हुड्डा की वजह से ही उन्हें हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले टिकट बंटवारे से नाराज होकर अशोक तंवर ने 5 अक्टूबर 2019 को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यहां तक की अशोक तंवर ने 5 करोड़ रुपए में कांग्रेस के टिकट बेचने का भी आरोप भी लगाया था।





