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ग्रीनलैंड ने ठुकराया ट्रंप का प्रस्ताव, 85% लोगों ने अमेरिका में शामिल होने से किया इनकार

डेनमार्क के प्रमुख अखबार बर्लिंग्सके द्वारा कराए गए इस सर्वे में पोलिंग एजेंसी वेरियन ने पाया कि सिर्फ 6% ग्रीनलैंडवासी अमेरिका के साथ जाने के पक्ष में हैं,

ग्रीनलैंड ने ठुकराया ट्रंप का प्रस्ताव, 85% लोगों ने अमेरिका में शामिल होने से किया इनकार
फोटो: America, Trump, Greenland,
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से उनके कई बड़े और विवादित फैसले सुर्खियों में रहे हैं। इनमें कनाडा, पनामा, मैक्सिको और ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की उनकी इच्छा भी शामिल रही है। हाल ही में ट्रंप ने डेनमार्क से आग्रह किया था कि वह ग्रीनलैंड पर अपना नियंत्रण छोड़ दे, क्योंकि यह द्वीप अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, बुधवार को हुए जनमत संग्रह में ट्रंप के मंसूबों को करारा झटका लगा, जब ग्रीनलैंड की 85% जनता ने अमेरिका में शामिल होने से इनकार कर दिया।

अमेरिका के समर्थन में सिर्फ 6% लोग


डेनमार्क के प्रमुख अखबार बर्लिंग्सके द्वारा कराए गए इस सर्वे में पोलिंग एजेंसी वेरियन ने पाया कि सिर्फ 6% ग्रीनलैंडवासी अमेरिका के साथ जाने के पक्ष में हैं, जबकि 9% लोगों ने इस पर कोई राय नहीं दी। यह सर्वे स्पष्ट करता है कि ग्रीनलैंड अपनी स्वायत्तता बनाए रखना चाहता है और एक स्वतंत्र पहचान को प्राथमिकता देता है। इस बीच, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने ग्रीनलैंड की संप्रभुता को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के सिद्धांतों का सम्मान करती है। फ्रेडरिकसेन को इस मामले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और नाटो महासचिव मार्क नट का भी समर्थन प्राप्त है।

डेनमार्क ने सर्वे नतीजों पर जताई खुशी


जनमत संग्रह के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा, "ग्रीनलैंड की जनता डेनमार्क के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को कायम रखना चाहती है, हालांकि समय के साथ इन रिश्तों के स्वरूप में बदलाव आ सकता है।" डेनमार्क ने हाल ही में घोषणा की कि वह आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए दो अरब डॉलर से अधिक खर्च करेगा। इसके विपरीत, डोनाल्ड ट्रंप पहले दावा कर चुके हैं कि ग्रीनलैंड के लोग अमेरिका के साथ आने को तैयार हैं और इसे अमेरिका के लिए हासिल करना आसान होगा। लेकिन यह सर्वे उनके दावों के विपरीत साबित हुआ।

करीब 60,000 की आबादी वाला ग्रीनलैंड 2009 से स्वायत्त सरकार के तहत काम कर रहा है, जिसे एक जनमत संग्रह के जरिए डेनमार्क से अलग होने का अधिकार भी मिला था। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूट एगेडे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका द्वीप बिक्री के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि "ग्रीनलैंड का भविष्य यहां के लोगों के हाथों में है, और वे खुद तय करेंगे कि उन्हें किस दिशा में आगे बढ़ना है।"

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